परसपुर गांव में खसरे की चपेट में कई लोगों के आने के बाद आखिरकार स्वास्थ्य महकमा जाग गया। तीन चिकित्सकों की एक टीम गांव पहुंची और मरीजों की जांच कर दवाएं वितरित कीं। एक सप्ताह पहले फैले इस बीमारी की जद मेें कई लोगों के आने के बाद भी संबंधित विभाग ने कोई सुध नहीं ली थी। इस खबर को अमर उजाला ने सोमवार के अपने अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसका असर खबर छपने के बाद देखने को मिला।
सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेंवा के अधीक्षक डॉ. एनके गुप्ता समेत जिले से चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम परसपुर गांव पहुंची। टीम में डा. सौरभ चतुर्वेदी, डॉ. समीर व डॉ. वेद प्रकाश श्रीवास्तव ने मरीजों की जांच पड़ताल कर दवा दिया। साथ ही साफ-सफाई को लेकर गांव वालों को जागरूक किया। जानकारी के मुताबिक परसपुर गांव में खसरे की बीमारी में गांव के मुस्तफा (18), जमीर (19), कमरून्निशां (25), मैराजुन्निशां (30), मो. कैफ (8), मो. नातुल (19), कुन्नन (25), मो. समीर, मो. फहीम और इकबाल सहित अन्य कई लोग खसरे की जद में आ गए थे। लेकिन स्वास्थ विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची थी।
जिससे खसरे जैसी जानलेवा बीमारी विकराल रूप धारण करती जा रही थी। इस संबंध में डॉ. एनके गुप्ता ने बताया कि पीडितों के घर वालों को सलाह दी गई है कि खसरे से पीड़ित व्यक्ति से परिवार के अन्य सदस्य दूरी बनाकर रखें। क्योंकि यह संक्रामक बीमारी है।