सिद्धार्थनगर। जिला संयुक्त चिकित्सालय में पुत्री का इलाज कराने गए गए अधिवक्ता से मारपीट व धमकाने के आरोपी चिकित्सक को सीजेएम श्रद्धा भारतीय ने विचारण के लिए तलब किया है। घटना सदर थानाक्षेत्र में जिला संयुक्त चिकित्सालय के पीआईसीयू वार्ड में 24 दिसंबर 2022 की रात 3:30 बजे घटी थी।
जिला मुख्यालय पर मुड़िला निवासी अधिवक्ता पशुपतिनाथ दूबे की आठ माह की पुत्री स्वास्तिका 24 दिसंबर रात तेज बुखार व दर्द से पीड़ित थी। जिसके इलाज के लिए वह अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में किसी डाक्टर के न मिलने पर उन्हें पीआईसीयू वार्ड मे भेजा गया। जहां मौके पर कोई डाक्टर ड्यूटी पर उपस्थित नहीं था। उन्होंने प्रभारी प्राचार्य डॉ. एके झा को फोन पर अपनी समस्या बताया। उस वक्त वार्ड में ड्यूटी लगने के बाद भी डॉ. शैलेंद्र कुमार मौजूद नहीं थे।
अधिवक्ता का आरोप है कि डॉ. एके झा के कहने पर डॉ. शैलेंद्र कुमार हॉस्पिटल में झुंझलाकर आए और आते ही उन पर भड़क गये और भद्दी भद्दी गाली देते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। मना करने पर पुत्री का इलाज न करके अभद्रता पूर्वक व्यवहार करते हुए व जूता निकालकर मारने का प्रयास करते हुए पीआईसीयू वार्ड से अपमानित करके धक्के मारकर बाहर करने लगे। धक्का मारने व बाहर निकालने के दौरान डॉ. शैलेंद्र कुमार उनके गले से सोने की चैन खींच लिए। चिकित्सक के अभ्रदता करने व फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने के दौरान अधिवक्ता का भाई दुर्व्यवहार का वीडियो बनाने लगा तो चिकित्सक ने मोबाइल छीनकर फर्श पर पटककर तोड़ दिया गया। अधिवक्ता के पुलिस को सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय में परिवाद दाखिल किया। न्यायालय ने प्रारंभिक जांच में अधिवक्ता व गवाहों का साक्ष्य लेने के बाद परिवाद का संज्ञान लेते हुए मारपीट करने अपमानित करने संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के अपराध में डॉ. शैलेंद्र कुमार को विचारण के लिए तलब किया है। फिलहाल, जिला अस्पताल से उनका स्थानांतरण हो गया है।