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डीएम ने बीएसए से मांगा 17 बिंदुओं पर स्पष्टीकरण

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डीएम ने बीएसए से मांगा 17 बिंदुओं पर स्पष्टीकरण
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योजनाओं के क्रियान्वयन व कार्यप्रणाली में सुधार के लिए दिया एक मौका
जवाब संतोषजनक न मिलने पर शासन को पत्र लिखने की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। शासकीय कार्यों में समयबद्धता, निष्पक्षता व पारदिर्शता के प्रति लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर 17 बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने की चेतावनी दी है।
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जिलाधिकारी दीपक मीणा की ओर से बेसिक शिक्षा अधिकारी राम सिंह को भेजे गए 17 बिंदुओं में निर्देश के बाद भी अनुपालन न किए जाने के मामले को प्रमुखता से उल्लेख किया गया है। बीते 20 जुलाई को बीएसए कार्यालय के निरीक्षण केबाद अनुपालन आख्या अब तक न देने, अंग्रेजी माध्यम के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के पदस्थापन के संबंध में निर्देश के बाद भी अग्रेतर कार्रवाई न करने के साथ ही अनियमितता के आरोप में जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब न देने, पीटीआर के अनुसार शिक्षकों को रैशनलाइजेशन करने के मामले में भी लापरवाही बरतने, एक ही परिसर में चल रहे प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के संविलियन संबंधी कार्रवाई न करने, विभागीय कार्यों पर कुप्रभाव पड़ने के बाद भी एबीआरसी के चयन में कार्रवाई न होने, शिक्षकों के पदोन्नति संबंधित लंबित प्रकरणों का निस्तारण न करने, एमडीएम से संबंधित मांगी गई जानकारियां उपलब्ध न कराने, 23 जुलाई को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय जोगिया के निरीक्षण में मिली अनियमितताओं पर स्पष्टीकरण न देने, अस्तित्व व जर्जर विहीन स्कूलों की सूची मुहैय्या न कराने, बगैर अनुमति के प्राय: जनपद मुख्यालय से बाहर चले जाने की प्रणाली पर अंकुश न लगने, विभागीय समीक्षा बैठकों में स्वयं उपस्थित न होने के साथ ही संबंधित बिंदुओं पर सूचनाएं उपलब्ध न कराने, स्कूल चलो अभियान के तहत प्रतिदिन ड्रेस, पुस्तक, जूता-मोजा वितरण रिपोर्ट उपलब्ध न कराए जाने, वंचित कर्मियों का प्रान खाता न खुलने की स्थिति में अभियान चलाने संबंधी निर्देशों का अनुपालन न करने, रसोइयों के चयन में कोई रुचि न लेने, लंबित रिट याचिकाओं की सूची उपलब्ध न कराए जाने जैसे बिंदु शामिल हैं। जिलाधिकारी ने बीएसए से उपरोक्त बिंदुओं पर जवाब देते हुए सभी योजनाओं का क्रियान्वयन करने का निर्देश दिया है, साथ ही लापरवाही की पुनरावृत्ति पर विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने की चेतावनी दी है।
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