सिद्धार्थनगर। तहसील कार्यालय नौगढ़ के नए भवन के निर्माण में दोयम दर्जे की ईंट का प्रयोग हो रहा है, जबकि सीमेंट की गुणवत्ता पर भी सवाल है। शहर में यह ऐसा स्थान है, जहां हर दिन एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों का आना-जाना लगा रहता है। बुधवार को तहसील परिसर में ईवीएम के डेमो का निरीक्षण करने के बाद जिलाधिकारी पवन अग्रवाल निरीक्षण करने पहुंचे तो ईंट का रंग देखकर नाराज हो गए। उन्होंने एसडीएम डॉ. ललित कुमार मिश्र से भी पूछा कि उन्होंने ईंट और सीमेंट की गुणवत्ता क्यों नहीं देखी।
निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य के लिए रखी गई ईंट को देख डीएम ने ठेकेदार से पूछा कि दोयम ईंट यहां क्यों लाई गई है? यह बेहद खराब गुणवत्ता की ईंट है। इस पर ठेकेदार ने कहा कि यह एक ट्राली ईंट गलती से आ गई है, जिसे वापस करना है। तब डीएम ने कहा कि अब हमारे देखने और कहने के बाद तो इसको वापस करोगे ही, जबकि मौके पर एक ट्राली ईंट में अधिकांश ईंट निर्माण कार्य में प्रयुक्त हो चुका था, मौके पर थोड़ी ही ईंट बची हुई थी। इसके बाद डीएम ने मौके पर पड़े सीमेंट की बोरियों को देख कहा कि यह कौन सी सीमेंट है, जिसका प्रयोग कर रहे हो।
ठेकेदार ने बताया कि यह सरकारी सप्लाई है। जिस पर डीएम ने भवन निर्माण के गुणवत्ता जांच कराने के साथ ही समय से कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया। इस दौरान एसडीएम डॉ. ललित कुमार मिश्र, तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी मौजूद रहे।
8.53 करोड़ रुपये से बन रहा तहसील भवन
तहसील कार्यालय नौगढ़ के पुराने भवन की जगह नए भवन का वर्ष 2016 से निर्माण हो रहा है। नए तहसील भवन का 8.53 करोड़ रुपये से कार्यदायी संस्था फैक्स पेड निर्माण करा रही है। मार्च 2024 में ही इसका निर्माण कार्य पूर्ण होना है। इसके तहत तहसील सभागार व कोर्ट समेत विभिन्न कक्षों का निर्माण हो रहा है। जिसकी छत लग चुकी है, प्लास्टर हो रहा है।
डीएम ने वोट डालकर चेक किया ईवीएम
सिद्धार्थनगर। डीएम पवन अग्रवाल ने तहसील नौगढ़ में बुधवार को निरीक्षण के दौरान डेमो ईवीएम पर वोट डालकर चेक किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सभी तहसीलों एवं जिला निर्वाचन कार्यालय में ईवीएम प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। जिसके द्वारा ईवीएम के संबंध में सभी को जागरूक एवं प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिसका 10 जनवरी से शुभारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी लोग भी वोट डालकर अपने वोट की पुष्टि कर सकते हैं। सभी सेंटरों पर एक-एक ईवीएम व वीवी पैट की व्यवस्था कराई गई है। तहसील सेंटरों के प्रभारी तहसीलदार बनाए गए हैं।