मानदेय भुगतान की मांग को लेकर विकास भवन पहुंचे प्रेरकों ने दिव्यांग महिला साथी से दुर्व्यवहार पर हंगामा मचाया। बीएसए के खिलाफ लामबंद होकर प्रेरक थाने पहुंचे और तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। प्रेरकों ने कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
उधर, बीएसए ने बदसलूकी के आरोपों को खारिज करते हुए मामले को प्रायोजित बताया है। मानदेय भुगतान, डाटा फिडिंग में मनमानी, उत्पीड़न सहित अन्य समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय साक्षरता प्रेरक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को जिलाधिकारी से मिलने पहुंचा था।
डीएम की अनुपस्थिति में प्रेरक विकास भवन सभागार में चल रही बैठक में पहुंचे। प्रभारी डीएम पीके जैन को ज्ञापन देकर बाहर निकले। आरोप है कि बैठक के बाद सभागार के बाहर खड़ी भनवापुर ब्लॉक के महतिनिया बुजुर्ग की दिव्यांग महिला प्रेरक शशि देवी से बीएसए ने दुर्व्यवहार किया।
महिला प्रेरक ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि सभागार के बाहर निकलकर बीएसए ने अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उसकी विकलांगता की खिल्ली उड़ाई। शिकायत पर कार्यमुक्त करने की धमकी भी दी। महिला प्रेरक सेे बदसलूकी की जानकारी अन्य प्रेरकों को हुई तो उग्र हो गए।
बीएसए के खिलाफ लामबंद होकर प्रेरक सदर थाने पहुंचे। वहां प्रार्थना पत्र देते हुए उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। इस संबंध में सदर थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्र ने बताया कि प्रार्थना पत्र की जांच की जा रही है। सत्यता मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं बीएसए अजय कुमार सिंह ने बताया कि प्रेरकों के मानदेय का जो भी बजट मिला था, उसका 90 प्रतिशत भुगतान हो चुका है। अब अनावश्यक दबाव बनाने के लिए वह डीएम से मिलने पहुंचे थे। सभागार के बाहर निकलकर मैंने सिर्फ महिला प्रेरक से उसकी समस्या पूछी थी।
उनकी समस्या ग्राम प्रधान स्तर की थी। इसके लिए उन्हें प्रधानों से मिलकर उपस्थिति का सत्यापन कराकर भिजवाने को कहा गया था। बस इसे ही दूसरे ढंग से लिया जा रहा है। कुछ लोग प्रायोजित ढंग से ऐसे आरोप लगा रहे हैं।