समाज के लिए बोझ नहीं हैं दिव्यांग : केंद्रीय मंत्री
107 दिव्यांगों को दी गई मोटराइज्ड ट्राईसिकिल
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। दिव्यांगता समाज के लिए बोझ नहीं है, उन्हें बस सहारे की जरूरत है। दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार प्रयासरत है। दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा का अभिन्न अंग और स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार कृत संकल्प है। यह बातें सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने बृहस्पतिवार को लोहिया भवन में दिव्यांगों के लिए आयोजित सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि वर्चुअल माध्यम से कही।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से आयोजित सामाजिक अधिकारिता शिविर में दिव्यांगजनों को आवश्यक उपकरण वितरित किए गए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन ट्राई साइकिल में पीछे बक्सा लगा है। दिव्यांगजन इस बक्से का उपयोग पेपर, दूध व अन्य चीजों को वितरित करने या बिक्री करने में कर सकेंगे। विशिष्ट अतिथि सांसद जगदंबिका पाल ने कहा जिले के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए नीति आयोग ने सिद्धार्थनगर को गोद लिया है। शिक्षा, स्वास्थ्य समेत कई क्षेत्रों में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। एलिम्को के सहयोग से 80 फीसदी से अधिक दिव्यांगों को नि:शुल्क उपकरण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। शिविर में 107 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल दी गई। इनके अलावा 24 वृद्धजनों को चश्मा, दांत, कान की मशीन, छड़ी जैसे उपकरण वितरित किए गए। कार्यक्रम का समापन महाप्रबंधक लेफ्टिनेंट कर्नल पीके दूबे ने किया। इस दौरान विधायक श्यामधनी राही, डीएम दीपक मीणा, एसपी रामअभिलाष त्रिपाठी, दिव्यांजन सशक्तिकरण अधिकारी एजाजुल हक खान, समाज कल्याण अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता, डीडीओ शेषमणि सिंह, एसडीएम अनिल कुमार, एसडीएम सुदामा प्रसाद आदि मौजूद रहे।
इन्हें मिला सम्मान
वर्ष 2020-21 में दिव्यांगता के क्षेत्र में प्रेरणास्रोत बनी नौगढ़ कस्बे की मोनी वर्मा व दिव्यांगता के क्षेत्र में बाधामुक्त वातावरण के सृजन पर रवि श्रीवास्तव को राज्यस्तरीय पुरस्कार से नवाजा गया है। दोनों लोगों को कार्यक्रम के दौरान प्रमाण पत्र, शाल भेंटकर सम्मानित किया गया है।
दिव्यांग सेतु एप लॉंच किया गया
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने जिला प्रशासन और सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफॉर) के सहयोग से तैयार किया गया दिव्यांग सेतु एप लॉंच किया। उन्होंने कहा कि इस एप के माध्यम से दिव्यांग अपनी जरूरतों (उपकरण) और समस्याओं के बारे में प्रशासन को ऑनलाइन अवगत करा सकते हैं।