सिद्धार्थनगर। प्रदेश स्तर पर विभिन्न विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन की नवंबर की हुई समीक्षा में जिला 23 योजनाओं में प्रथम स्थान रहा। मुख्यमंत्री कमांड सेंटर से मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के तहत हुई समीक्षा में विकास की 19 योजनाओं और राजस्व के चार योजनाओं में जिला अव्वल रहा। इसमें स्वास्थ्य विभाग की कुछ योजनाओं में जहां अव्वल रहा, वहीं दवाओं की उपलब्धता में बहुत पीछे रहा।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की तरफ से जारी की गई जिला अनुश्रवण पुस्तिका में पंडित दीन दयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत 139 कार्य कर जिला प्रथम स्थान पर रहा। साथ ही सोलर स्ट्रीट लाइट बीकेएस ग्राम उन्नति योजना के तहत 200 संयंत्रों की स्थापना कर प्रथम स्थान, खराब ट्रांसफॉर्मर के 1270 शिकायतों का निस्तारण कर प्रथम स्थान, कृषि रक्षा रसायन डीबीटी के 649 आवेदनों का निस्तारण कर प्रथम स्थान, समय से एंबुलेंस की उपलब्धता में भी प्रथम स्थान पर रहा। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टेली रेडियोलॉजी, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम, मोबाइल मेडिकल यूनिट, दिव्यांग पेंशन आधार सीडिंग में प्रथम स्थान पर रहा। वन विभाग ने 4240523 पौधे रोपित करने के साथ उन्हें बचाकर सामाजिक वनीकरण में प्रथम स्थान हासिल किया है।
307000 पशु टीकाकरण और 80581 पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान कर जिला प्रथम स्थान पर रहा। इसके अलावा प्रधानमंत्री मत्सय संपदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निराश्रित महिला पेंशन का आधार सीडिंग, पति की मृत्यु उपरांत निराश्रित महिला पेंशन, कन्या विवाह सहायता योजना, राष्ट्रीय वृद्धावस्ताा पेंशन योजना, वृद्धावस्थश्पेंशन का आधार सीडिंग मामले में पूरे प्रदेश में जिला प्रथम स्थान पर रहा।
राजस्व के इन मामलों में रहा अव्व्ल
समीक्षा में राजस्व विभाग की एकीकृत आपदा राहत प्रबंधन के तहत प्रभावित 478 लोगों को आवेदन के सापेक्ष 49700200 रुपये वित्तीय मदद देकर पूरे प्रदेश में यह जिला प्रथम स्थान पर रहा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डैश बोर्ड की समीक्षा में राजस्व विभाग के ही मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना, अधिवास प्रमाणपत्र व आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स मामले में भी जिला प्रथम स्थान पर रहा।
प्रदेश स्तरीय समीक्षा में जिन विभागों की योजनाओं में जिला बेहतर प्रदर्शन किया है, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों को चेतावनी और बहुत खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। प्रयास है कि सभी विभागीय योजनाओं में जिला को प्रथम स्थान हासिल हो।
जयेंद्र कुमार, सीडीओ