फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: बिना सुविधा टोल वसूलने से वाहन चालकों में नाराजगी

विज्ञापन
विज्ञापन
एनएच-730 पर शोहरतगढ़-बढ़नी के बीच गोल्हौरा गांव के पास टोल प्लाजा का मामला
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। एनएच-730 पर शोहरतगढ़-बढ़नी के बीच गोल्हौरा गांव के पास बने टोल प्लाजा पर वाहनों से वसूली तो होती है, लेकिन यहां जरूरी सुविधाएं नदारत हैं। टोल प्लाजा पर एंबुलेंस तो हैं लेकिन प्रचार-प्रसार न होने के कारण दुर्घटना के समय 108 एंबुलेंस को छोड़कर एनएच के एंबुलेंस को फोन नहीं होता है। इसके अलावा एनएच टोल प्लाजा पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं लगभग नहीं के बराबर हैं।
एनएच पर टोल प्लाजा पर क्रेन, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं तथा रूट पेट्रोलिंग वाहन की व्यवस्था होनी चाहिए। यह सुविधाएं इस हाईवे पर दिखाई नहीं दे रही हैं। दुर्घटना की वजह से लगने वाले जाम से निपटने के लिए टोल टैक्स बैरियर पर क्रेन की व्यवस्था होनी चाहिए। 24 घंटे वहीं पर आपात स्थिति से निपटने के इंतजाम होने चाहिए। गोल्हौरा के पास बने टोल प्लाजा पर टोल वसूलने की जिम्मेदारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी की है। टोल प्लाजा पर क्रेन, एंबुलेंस प्राथमिक उपचार और रूट पेट्रोलिंग वाहन की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी, एनएच की है। दो विभागों के बीच में जिम्मेदारी के बंटवारे से क्षेत्रवासियों को मानक के अनुसार सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। जबकि टोल प्लाजा पर मौजूद कर्मचारियों से बात की गई तो उन्होंने इन सुविधाओं की जवाबदेही एनएचआई की बताई। क्षेत्रवासियों के कहना है कि जब मार्ग पूरी तरह से बन जाए तथा पूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाए, तब टोल प्लाजा पर वाहनों से टोल टैक्स वसूला जाए। इससे पूर्व टोल टैक्स नहीं वसूला जाना चाहिए।
विज्ञापन

-

जब तक मड़नी से सनई तक मार्ग पूरी तरह से न बन जाए, तब तक टोल टैक्स की वसूली बंद की जाए। क्षतिग्रस्त मार्गों पर चलने के बाद टोल टैक्स अदायगी ठीक नहीं है। यह वाहन स्वामियों के साथ अन्याय है।

अजय वरुण, समाजसेवी

टोल प्लाजा पर क्रेन व आपातकालीन चिकित्सा व रूट पेट्रोलिंग वाहन की व्यवस्था होनी चाहिए, जो यहां नहीं दिखती है। मानक के अनुरूप कहीं भी फर्स्ट एड से लेकर तात्कालिक सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।

आनन्द प्रताप सिंह, जलापुरवा
टोल प्लाजा शुरू होने के बाद से एंबुलेंस तो खड़ी रहती है लेकिन प्रचार प्रसार न होने से दुर्घटना होने पर कोई भी पीड़ित उन्हें फोन नहीं कर पाता। इसके साथ ही न ही चिकित्सक मौजूद रहते हैं और न दो सहायक।

अखिलेश पांडेय, रौनिहवा
टोल प्लाजा पर टोल वसूलने और सुविधा मुहैया कराने की अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी होने से लोगों को सुविधा नहीं मिल पा रही है, पहले सुविधा मिलनी चाहिए तब टोल टैक्स वसूलना उचित है।
विज्ञापन

प्रदीप कुमार पथरकट्ट, सपा नेता
-
अधिक टोल टैक्स वसूलने पर होता है अक्सर विवाद
बढ़नी से शोहरतगढ़ के मध्य एनएच-730 पर गोल्हौरा में बने टोल प्लाजा पर कार्यरत कर्मचारियों की लापरवाही से वाहन स्वामियों की जेब कट रही है। लोगों के वाहन घर पर खड़े रहते हैं और उनके मोबाइल पर टोल कटने का मैसेज आ रहा है। वाहन स्वामियों के मुताबिक उनकी शिकायत सुनने वाला कोई नहीं है। टोल प्लाजा के कर्मचारी जब फंसने लगते हैं तो गलत ढंग से लिए गए टोल टैक्स को वापस कर मामले को रफा दफा कर दिया जाता है। लगातार हो रही लापरवाही से लोगों में नाराजगी है। कभी अधिक टोल लेने का मामला तो कभी घर पर खड़ी कार का टोल टैक्स कटना, कभी फास्टैग में धन रहने के बाद भी जबरदस्ती दुगुना धन काट लेने की शिकायत होती रहती है।

वर्जन
-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें