सिद्धार्थनगर। विवेचना निस्तारण में गोरखपुर जोन में सितंबर माह में अव्वल घोषित सिद्धार्थनगर पुलिस की डायरी में दर्ज कई विवेचनाएं अटकी हुई हैं। निर्धारित समय 90 दिनों में कई विवेचनाएं पूर्ण नहीं हो सकी है, जिससे शोहरतगढ़ और ढेबरूआ थाना क्षेत्र में हुई घटनाओं का पर्दाफाश कर दोषियों को सजा दिलाने के लिए पीड़ित पुलिस के पास चक्कर काट रहे हैं। विवेचना निस्तारण अभियान के तहत सिद्धार्थनगर पुलिस माह सितंबर में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करते हुए गोरखपुर जोन में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
शासन द्वारा विवेचना निस्तारण के लिए चलाए गए 15 दिवसीय अभियान के दौरान जनपद पुलिस द्वारा 351 विवेचनाओं का निस्तारण कर सर्वोच्च प्रदर्शन किया है, जबकि निर्धारित 90 दिन के समय में विवेचना पूर्ण नहीं होने से पीड़ित न्याय पाने के लिए भटक रहे हैं। यहां तक कि शोहरतगढ़ थाने में एक वर्ष पूर्व बेटी को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले दाेषियों को सजा दिलाने के लिए चक्कर लगा रही मंजोरा देवी कोर्ट से भी विवेचना पूर्ण कराने की फरियाद कर चुकी है। अधिवक्ता शेषमणि प्रजापति ने कहा कि विवेचना लंबित रहने से आम जनमानस में पुलिस के प्रति विश्वसनीयता कम होती है। जिससे पीड़ित व्यक्ति को न्याय पाने के लिए उच्चाधिकारियों के पास बार-बार शिकायतें होती हैं।
केस एक
एक वर्ष बाद भी अटकी विवेचना
शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के खड़कुइया नानकार निवासी मंजोरा देवी ने पुलिस को दिए तहरीर में आरोप लगाया था कि उसकी पुत्री को ससुरालियों ने हत्या कर फंदे से लटका दिया है। पुलिस ने 26 सितंबर 2022 को मामले में शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम कोटिया बढ़नी निवासी मृतका के पति हरीलाल व उसके तीन भाइयों पर केस दर्ज करते हुए विवेचना की। आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में तैयार आरोप पत्र 27 नवंबर 2022 को एसपी ने वापस करते हुए दोबारा विवेचना करने का निर्देश दिया है। जो अभी तक लंबित है।
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केस दो
सात माह बाद पूरी हुई विवेचना
जोगिया थाना क्षेत्र में बिजलीकर्मी बनकर धन उगाही करने के मामले में दर्ज केस की विवेचना निर्धारित 90 दिन के समय में पूरी नहीं हो सकी। पोखरभिटवा गांव निवासी विशेश्वर प्रजापति ने पुलिस को दिए तहरीर में आरोप लगाया था कि जोगिया चौराहे पर स्थित मकान के खराब बिजली मीटर बदलवाने के लिए वह उपकेंद्र गया था। जहां एक व्यक्ति ने स्वयं को बिजलीकर्मी बताकर मीटर बदलने के लिए 10 हजार रुपये लिया। इस मामले में पुलिस ने नौ फरवरी 2023 को केस दर्ज किया, जिसकी विवेचना अब जाकर पूरी हो सकी।