सिद्धार्थनगर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक दिवसीय कार्यशाला विकास भवन के डॉ.अंबेडकर सभागार में हुई। इसमें गांवों को स्वच्छ बनाने की तरकीब बताते हुए वर्ष 2012 में हुए बेस लाइन सर्वे की त्रुटियां दूर करने पर जोर दिया गया। खुले में शौच मुक्त गांवों की प्रगति की भी समीक्षा हुई।
कार्यशाला में जिला पंचायत राज अधिकारी शशिकांत पांडेय ने कहा कि जब तक बेस लाइन सर्वे की अशुद्धियां दूर नहीं की जाएंगी, तब तक शौचालयों की प्रगति ऑनलाइन प्रदर्शित नहीं हो सकेगी। इससे ग्राम पंचायतों को वेबसाइट पर खुले में शौच मुक्त नहीं किया जाएगा। सभी एडीओ पंचायत, ग्राम सचिव, खंड प्रेरक व कंप्यूटर ऑपरेटर को बेस लाइन सर्वे की अशुद्धियां दूर करने के सामंजस्य के साथ काम करने का निर्देश दिया।
कहा कि 15 दिनों में इसमें सुधार नहीं होता तो संबन्धितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इस दौरान खुले में शौच मुक्त चयनित गांवों में शौचालय निर्माण के लिए अवमुक्त धनराशि के प्रगति की समीक्षा की गई। उसका की भिटिया, जोगिया के फत्तेपुर, मारुखर्ग कला, बांसी के सरांव, खेसरहा के नासिरगंज के ग्राम पंचायतों की खराब स्थिति पर ग्राम पंचायत सचिवों को कड़ी फटकार लगाते हुए 15 दिनों में गांव को संतृप्त करने का निर्देश दिया गया।
कार्यशाला में जिला परियोजना समन्वयक संजय तिवारी, अमित श्रीवास्तव, एडीओ पंचायत विश्वनाथ सिंह, गुलाब सिंह, कमलेश्वर सिंह, शंभूनाथ पांडेय, सभयराज यादव, बृजेश गुप्ता, रवि कुमार, मो.मुस्तकीम, कलीमुज्जफर, चुन्नीलाल, दयाराम आदि मौजूद रहे। डीपीआरओ ने अनुपस्थित कर्मचारियों के एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया।