सिद्धार्थनगर। आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और प्रेरक संघ की हड़ताल से पल्स पोलियो दिवस फीका रहा। अधिकांश बूथों पर सन्नाटा पसरा रहा। नगरीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर बच्चों को ड्रॉप पिलाया गया, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्था ध्वस्त रही। जिन बूथों पर कर्मचारी मौजूद भी थे, वहां भी ड्रॉप पिलाने का आंकड़ा कम रहा। हड़ताल की सूचना के चलते अभिभावक भी बच्चों को बूथों तक लाने में हिचकते रहे। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल को बेअसर बताया है।
नौगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बने बूथ पर स्वास्थ्य कर्मचारी ड्यूटी संभाले हुए थे। यहां दोपहर 12 बजे तक महज 4 बच्चों को ड्राप पिलाया गया था। नौगढ़ प्राथमिक विद्यालय प्रथम पर भी रफ्तार धीमी रही। यहां साढ़े 12 बजे तक 62 नौनिहाल ड्राप पी चुके थे। नगर के अन्य केंद्रों पर भी अभियान सुस्त रहा। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़ताल का ज्यादा असर था। आशा, आंगनबाड़ी और प्रेरक के बहिष्कार के चलते दूरस्थ गांव में स्वास्थ्य कर्मचारी भी नहीं पहुंच सके थे।
शोहरतगढ़, बांसी, डुमरियागंज, इटवा तहसील क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्रों के आस-पास के बूथ पर तो जैसे-तैसे दवा पिलाया गया, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे वंचित रह गए। इससे पूर्व सुबह आठ बजे बर्डपुर पीएचसी पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी व डिप्टी सीएमओ डॉ. पीपीराय ने नौनिहाल को पोलियो ड्रॉप पिलाकर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को हर हाल में दवा पिलाने का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि हड़ताल का अभियान पर कोई असर नहीं पड़ा है।
इस दौरान एसीएमओ आरसीएच डॉ. विजय कुमार, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बर्डपुर डॉ. प्रशांत अस्थाना, यूनिसेफ के जिला समन्वयक देवकांत शर्मा, डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि नितेश श्रीवास्तव सहित संजीव कुमार श्रीवास्तव, माल जी, हनीफ आदि मौजूद रहे।