ई-पाठशाला का मैटर डाउनलोड करने में दिक्कत
नेटवर्क कमजोर होने के कारण ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है बाधित
बढ़नी, बर्डपुर, लोटन और शोहरतगढ़ ब्लॉक में है सर्वाधिक परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल के सीमावर्ती चार ब्लॉकों में नेटवर्क कमजोर होने के कारण ऑनलाइन पढ़ाई बाधित हो रही है। बार-बार नेटवर्क टूटने के कारण बच्चे ऑनलाइन क्लास से नहीं जुड़ पाते और शिक्षक भी परेशान होते हैं। नेपाल सीमा के करीब सात किमी के दायरे के परिषदीय विद्यालयों में ये समस्याएं सर्वाधिक है।
जिले के बढ़नी, बर्डपुर, लोटन व शोहरतगढ़ ब्लॉक भारत नेपाल सीमा पर है। कोरोना काल में ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई शुरू हुआ तो कमजोर नेटवर्क के कारण सर्वाधिक नुकसान इसी क्षेत्र के बच्चों का हुआ है। शिक्षकों के अनुसार चारों ब्लॉक में छह हजार से अधिक बच्चे हैं, जिन्हें ऑनलाइन शिक्षा दे पाना संभव नहीं है। बीएसएनएल के साथ ही अन्य निजी कंपनियों के नेटवर्क का हाल बुरा है। स्कूल शिक्षा विभाग के महानिदेशक की ओर से जारी ई-पाठशाला का मैटर डाउनलोड और सेंड करने में मुश्किलें आ रही हैं। सीमावर्ती इलाके में भारतीय सिम से बात भी नहीं हो पा रही है, जबकि नेपाली सिम का इस्तेमाल करने वाले लोगों को ज्यादा बिल का भुगतान करना पड़ता है। इस संबंध में बीएसएनएल के एसडीओ आलोक चंदन ने बताया कि कुछ केंद्रों में बिजली का बैकअप नहीं होने के कारण भी नेटवर्क प्रभावित हो रहा है।
शिक्षक ने बताई हकीकत
बर्डपुर के शिक्षक कलीमुल्लाह ने बताया कि नेपाल के सीमावर्ती विद्यालयों में नेटवर्क की समस्या रहती है। विद्यालय समय में मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण से प्रतिदिन आने वाली कॉल रिसीव नहीं हो पाती थी। विद्यालय में पढ़ाई बंद होने के कारण ई-पाठशाला व ऑनलाइन शिक्षा प्रभावित हो रही है। शोहरतगढ़ के शिक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि नेटवर्क खराब होने के कारण लखनऊ से मिलने वाला ई-पाठशाला का मैटर डाउनलोड नहीं हो पाता है। कभी मैटर सेंड नहीं होता तो कभी बच्चे उसे डाउनलोड नहीं कर पाते हैं। बढ़नी के शिक्षक गौरीशंकर ने बताया कि विद्यालय में पंजीकृत बच्चों के अभिभावकों के ग्रुप में हर दिन मैटर भेजने की कोशिश होती है, लेकिन कभी-कभी सफलता मिलती है। बढ़नी क्षेत्र में नेटवर्क अच्छा नहीं मिलता है। लोटन के शिक्षक सर्वजीत विश्वकर्मा ने कहा कि यहां किसी भी संचार कंपनी का नेटवर्क ढंग से नहीं मिलता है। सीमा से 5-7 किमी के दायरे में भारतीय सिम से न बात होती है और न ही नेटवर्क मिलता है। इससे ऑनलाइन पढ़ाई नहीं हो पा रही है।