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सोकर उठे तो पैरों तले नहीं थी जमीन

Sat, 30 Jul 2016 10:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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डुमरियागंज के बुढ़िया टायर गांव में बाढ़ के पानी से बचने के लिए चारपाई पर बैठा एक परिवार। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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डुमरियागंज/भनवापुर। राप्ती का कहर लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। तहसील क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों में शुक्रवार रात पानी घुस गया। गहरी नींद में सोए लोगों की शनिवार सुबह नींद खुली और बिस्तर से पैर नीचे उतारा तो जमीन की जगह पानी का स्पर्श होते ही सभी भौंचक हो उठे। बाढ़ का पानी घुसने से अफरा-तफरी का महौल बना रहा। सुबह से लेकर शाम तक लोग मवेशियों और कीमती सामानों को सुरक्षित जगह पहुंचाने के लिए जद्दोजहद करते दिखाई दिए। 
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शुक्रवार देर रात तक क्षेत्र के बुढ़िया टायर, अंदुआ शनिचरा, ततेरी, सेमरा बनकसिया, डिउलीडीहा मिश्र, मधुकरपुर चौबे, मलदा आदि गांवों से बाढ़ का पानी काफी दूर था। सुबह जब वे सोकर उठे तो इन गांव के घरों में बाढ़ का पानी भर गया था। किसी तरीके से लोग अपने घरों से बाहर निकले तो पूरा गांव जलमग्न देख सभी हैरान हो उठे। बुढ़िया टायर गांव निवासी ओमप्रकाश वर्मा घर में पानी घुसने से बाहर चारपाई रखकर उस पर अपने छोटे बच्चों को बैठा कर घर का सामान दूसरी जगह रखने का जतन करने लगे।
इसी प्रकार गांव निवासी संजय वर्मा, बौना, विनोद अग्रहरि, रामसुमिरन, हरखू, संदीप, दद्दन वर्मा, अरविंद, प्रेमप्रकाश आदि भी सामान व घर के लोगों को सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचाने की जद्दोजहद करते दिखे। लोगों ने बताया कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा है कि उनके गांव में पानी घुस आया है।
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इसके पहले आज तक कभी भी गांव में बाढ़ का पानीं नहीं घुसा था। गांव के सीवान का पूरा खेत भी जलमग्न हो गया है। इस संबंध में डुमरियागंज एसडीएम विनय कुमार पाठक ने बताया कि राप्ती के जलस्तर पर नजर रखने के साथ ही बाढ़ग्रस्त गांवों की निगरानी की जा रही है। जरूरत के अनुसार मदद पहुंचाया जा रहा है। जिस भी गांव में पानी घुस रहा है, वहां के लोगों से ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
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