फर्जी हस्ताक्षर बनाकर बिल भुगतान का आरोप
जिला पंचायत सदस्यों के अधिकार हनन का लगाया आरोप
अपनों को काम देने के लिए शासनादेश को दरकिनार कर रहे
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जिला पंचायत त्रिस्तरीय कमेटी में शामिल एक महिला सदस्य के फर्जी हस्ताक्षर बना कर बिलों का भुगतान किया जा रहा है। निर्वाचित सदस्यों के अधिकार पदेन सदस्य छीन रहे हैं। यह आरोप जिला पंचायत कार्यालय पर धरना दे रहे जिपं सदस्य राघवेंद्र उर्फ गंगा मिश्र ने लगाया। जिला पंचायत सदन की बैठक तत्काल बुलाने और टेंडर टेंडर प्रक्रिया दोबारा करने की मांग कर रहे सदस्य चौथे दिन भी धरने पर बैठे। सदस्यों ने कानपुर मुठभेड़ में शहीद हुए आठ पुलिसकर्मियों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि भी दी।
जिला पंचायत कार्यालय पर बीते चार दिनों से धरनारत जिला पंचायत सदस्यों का प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। सदस्यों का आरोप है कि सदन की खुली बैठक नहीं कराई जा रही है। अब्दुल सलाम ने कहा कि फरवरी के बाद से कोई बैठक नहीं हुई, सदस्यों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। सत्यनारायण यादव ने कहा कि प्रस्ताव पारित करने या अपनी बात सदन में रखने के लिए बोर्ड की बैठक ही सशक्त माध्यम है। मनमाने ढंग से टेंडर प्रक्रिया कराने और विकास कार्यों में भेद किया जा रहा है। जिला पंचायत सदस्य राघवेंद्र उर्फ गंगा मिश्र ने आरोप लगाया कि त्रिस्तरीय कमेटी में शामिल एक महिला सदस्य का हस्ताक्षर फर्जी तरीके से बनाया जा रहा है। वह इस समय गंभीर बीमारी से ग्रसित है। अपर मुख्य अधिकारी शासनादेश को ताक पर रखकर करोड़ों रुपये का काम देने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने इसकी उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की। मांगे नहीं माने जाने पर धरने में बैठे सभी जिला पंचायत सदस्यों की ओर से इस्तीफा देने की चेतावनी भी दी। सबने विधि के अनुसार खुली बैठक कराने की मांग की है। दावा किया कि धरने को 38 सदस्यों का समर्थन है। धरने में पूजा यादव, गरीब दास, निरंकार सिंह, अब्दुल सलाम, सत्य नारायण यादव, ज्ञानमती, नफीस अहमद, जाकिर हुसेन, राम लाल, बद्री नाथ गुप्ता, महेंद्र प्रताप सिंह, मन्नू आदि शामिल रहे।