1888 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगी ‘ए’ ग्रेड धान की कीमत
खरीद की तैयारी शुरू, बगैर पंजीकरण धान बेचना होगा मुश्किल
जिले में एक लाख सत्तर हजार एकड़ रकबे पर हुई है धान की खेती
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। धान खरीद की तैयारियां विभाग ने शुरू कर दी हैं। इस वर्ष एक नवंबर से धान की खरीद शुरू होगी। किसानों को ‘ए’ ग्रेड धान की कीमत 1888 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। धान बेचने के लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। बिना पंजीकरण के किसान धान नहीं बेच पाएंगे। धनराशि का भुगतान बैंक के खाते के जरिए होगा। जल्द ही जिले में क्रय लक्ष्य और केंद्र भी निर्धारण कर दिए गए जाएंगे।
प्रदेश और केंद्र की सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए शिथिल पड़े क्रय केंद्रों को क्रियाशील कर दिया। जिससे किसानों की उपज का वाजिब मूल्य मिल सके। इसमें सफलता भी मिली, बिचौलियों की दखल कम हुई और किसान सीधे लाभ पाने लगे। लागत के साथ ही समर्थन मूल्य में इजाफा किया जा रहा है। एक नवंबर से शुरू होने वाले धान की खरीद के लिए विभागीय तैयारियां शुरू हो गई हैं। धान खरीद के लिए नियम जारी कर दिया गया है, उसी तहत धान की खरीद की जाएगी। जिला विपणन अधिकारी संजय पांडेय ने बताया कि धान खरीद के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। कागजी लिखा पढ़ी शुरू हो गई है। केंद्र के निर्धारण का काम शुरू कर दिया गया है, क्रय लक्ष्य प्राप्त होने के बाद शासन के मंशा अनुसार खरीद की शुरू कर दी जाएगी।
यह होगा धान का मूल्य
सरकार ने इस बार ‘ए’ ग्रेड धान का प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य 1868 रुपये लेकर 1888 रुपये निर्धारित किया है। उसी के अनुसार किसानों को भुगतान किया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे किसानों को लाभ होगा। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पहले विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। क्योंकि बिना पंजीकरण के धान नहीं बेच सकेंगे। पंजीकरण के लिए किसानों को आधार कार्ड, बैंक पास बुक की छायाप्रति और खतौनी देनी होगी। इसके बाद किसान पंजीकृत हो जाएंगे। और वे अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर धान का बेच सकेंगे।
बैंक खाते से होगा भुगतान
धान बेचने के बाद किसान को धनराशि के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और न ही कोई उनका रुपया हड़प सकता है। क्योंकि जिस दिन तौल होगी उसी दिन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होकर मोबाइल पर मैसेज जारी होगा। इसके बाद बैंक खाते में सीधे रकम जाएगी।
बड़े रकबे पर हुई है धान की खेती
जिले में किसान मुख्य रूप से दो फसलें लगाते हैं। इसमें धान और गेहूं मुख्य फसल है। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में इस वर्ष एक लाख सत्तर हजार हेक्टेयर रकबे पर धान की खेती की है।