पकड़ी बाजार। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के पलिया गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार की रात कथावाचक पं. चंद्रशेखर पांडेय ने महाराज मनु की कथा सुनाई। इसे सुनकर पंडाल में बैठे श्रद्धालु हर्षित हो गए।
उन्होंने कहा कि महाराज मनु के दो पुत्र थे उत्तनपाद और प्रिय व्रत। इसमें उत्पाद की दो रानी थीं। पहली सुनीति जिनके गर्भ से ध्रुव का जन्म हुआ। एक दिन बालक ध्रुव अपने पिता उत्तानपद की गोद में जाकर बैठ गया, उसकी सौतेली मां सुरुचि ने बालक को अपमानित करते हुए राजा की गोद से हटाते हुए कहा अरे अभागे राजा की गोद में बैठने का अधिकार तुम्हें नहीं है। इसके लिए भगवान से प्रार्थना करो वो तुम्हें मेरे गर्भ से पैदा करें। यह सुनकर बालक ध्रुव रोते हुए अपनी माता सुनीति के पास आया और दुखी भाव से सारी बातें सुना डालीं।
माता ने उपदेश दिया तो बालक ईश्वर प्राप्ति हेतु घर से निकल पड़ा रास्ते में देवर्षि नारद से भेंट हुई नारद जी ने द्वादश अक्षर का मंत्र दिया बालक इसी मंत्र को यमुना के किनारे मधुवन में जपने लगा। कठोर तपस्या की फिर भगवान नारायण का दर्शन मिला। ध्रुव को भगवान ने वरदान दिया 36 हजार वर्ष राज करो और फिर ध्रुव लोक में अटल बनकर निवास करो।