पकड़ी बाजार। शोहरतगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत पिपरी में स्थित शिवमंदिर पर आयोजित नौ दिवसीय कथा यज्ञ के दूसरे दिन मंगलवार को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का वर्णन किया गया। कथा वाचिका कंचना किशोरी ने दर्शकों को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि ईश्वर आज भी हमारे हृदय में विराजमान हैं। उन्होंने बताया कि माता पार्वती के वंशज का पता था, लेकिन शिव के अनंत स्वरूप के कारण उनकी नींव के वंशज का ज्ञान किसी को नहीं था। कथा में नारद द्वारा बताया गया कि पूरे जगत के माता-पिता शिव ही हैं क्योंकि शिव स्वयंभू हैं। शिव न केवल संहारक हैं बल्कि रक्षक भी हैं। कथा में यह भी समझाया गया कि परिवार की पूजा-अर्चना करने से सुख-समृद्धि मिलती है और संकटों से मुक्ति मिलती है।
इस अवसर पर आयोजक श्रवण जायसवाल, भगवान दास चौहान, अशोक जायसवाल, प्रह्लाद गुप्ता, शेष मुनि गुप्ता, राजेंद्र चौधरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और कथा का आनंद लिया।