शाहपुर। डुमरियागंज नगर में गांधी नगर वार्ड में चल रही नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शुक्रवार की रात कथा में पं. राकेश शास्त्री ने भक्त प्रह्लाद और भगवान नरसिंह अवतार की दिव्य कथा का रसपान कराया। कथा वाचक पं. राकेश शास्त्री ने कहा कि हिरण्यकश्यप ने कठोर तपस्या करके ब्रह्मा जी से अमर होने के समान कई दुर्लभ वरदान मांग लिए थे। अहंकार के वश में आकर उसने खुद को भगवान घोषित कर दिया और अत्याचार करने लगा। उसके घर में ही परम भक्त प्रह्लाद का जन्म हुआ। उनकी अनन्य और अडिग भक्ति के कारण ही हिरण्यकश्यप का उद्धार संभव हो सका। भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए खंभे को फाड़कर भगवान नरसिंह प्रकट हुए और अत्याचारी हिरण्यकश्यप का वध कर धर्म की स्थापना की। इस अवसर पर मुख्य यजमान चंद्र यादव, लवकुश यादव, प्रमोद मिश्र, शिवा, राजन, पंकज, आशीष, अखिलेश आदि मौजूद रहे।