सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज नगर क्षेत्र के शाहपुर स्थित समयमाता मंदिर पर आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा एवं श्री सतचंडी महायज्ञ के पांचवें दिन शुक्रवार की रात कथावाचक पं. राकेश शास्त्री ने धनुष यज्ञ एवं सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाया। जिसे सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कथावाचक राकेश शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीराम और लक्ष्मण गुरु विश्वामित्र के साथ यज्ञ की रक्षा करने के लिए गए और राजा जनक के यहां धनुष यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया था। जहां पर कई देशों के राजा महाराजा पहुंचे थे। लेकिन धनुष तोड़ना तो दूर, धनुष को कोई हिला तक नहीं सका। जिसके बाद गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पर श्रीराम पल भर में धनुष को उठाकर धनुष को तोड़ दिया। जिसके बाद भगवान श्री राम के गले में सीता द्वारा जयमाल डाली गई। इस दौरान आयोजक धनीराम बाबा, बबुआ सिंह, मनजीत, राजन, शुभम, गोलू, गिरीश, त्यागी आदि मौजूद रहे। संवाद