सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में अकादमी उद्योग सम्मेलन के अंतिम दिन मंगलवार को कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि शासन और विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयास जिले में पर्यटन का विकास संभव है।
इस क्षेत्र को रामसन साइट के रूप में विकास की मुख्य धारा के साथ सिद्धार्थनगर को जोड़ सकते हैं। महात्मा गौतम बुद्ध से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण स्थल इस क्षेत्र को उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में पर्यटन से संबंधित पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे जो रोजगारपरक होंगे। जिले में रोजगार के अवसरों की अनंत संभावनाएं हैं। जरूरत है सही दिशा में नेक नियत और समाज के साथ मिलकर कार्य करने की। बताया कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में नॉलेज हब संचालित है, जिसमें छात्रों का बहुत योगदान है जो छात्रों को उपयोगिता के लिए खुद को कैसे तैयार करें इसका प्रयास करता है।
डीएम डॉ. राजा गणपति आर. ने कहा कि विपरीत परिस्थिति में ही सकारात्मक ऊर्जा और दृष्टि के साथ आगे बढ़ने पर उच्चतम शिखर को व्यक्ति प्राप्त करता है। हम सकारात्मक सोच और दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ आपदा को भी अवसर में बदल सकते हैं। यह क्षेत्र अत्यधिक बाढ़ प्रभावित है, लेकिन प्रबल इच्छा है, तो मत्स्य पालन के माध्यम से उद्योग और रोजगार को बहुत बढ़ावा दे सकते हैं।
एक जिला एक उत्पाद में काला नमक चावल के क्षेत्र में भी व्यापार उद्योग और रोजगार की असीम संभावनाएं हैं।