संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। डीएम डाॅक्टर राजा गणपति आर. के मंगलवार को नगर पंचायत डुमरियागंज कार्यालय के निरीक्षण के दौरान नगर पंचायत के भ्रष्टाचार और मनमानी की पोल खुल गई।
लॉगबुक में अधिशासी अधिकारी का हस्ताक्षर नहीं मिलने पर ईओ महेश प्रताप श्रीवास्तव एवं ठेका कर्मचारी की पत्रावली अपूर्ण पाए जाने तथा सफाईकर्मी की पत्रावली अपूर्ण पाये जाने पर वरिष्ठ सहायक हसन ताकीब रिजवी एवं कार्यालय सहायक महंत मिश्रा का स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया।
डीएम राजा डाॅ. गणपति आर. मंगलवार को अचानक डुमरियागंज नगर पंचायत कार्यालय पहुंच गए। जहां उन्होंने सबसे पहले नगर पंचायत भवन का निरीक्षण किया और उसके बाद नगर पंचायत द्वारा नगर क्षेत्र में स्थित प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय के कराए जा रहे कायाकल्प योजना के तहत टाइल्स लगाने और शौचालय निर्माण से संबंधित पत्रावली मांगी तो लिपिक डिटेल उपलब्ध नहीं करा पाए। इस पर डीएम बिखर पड़े और लिपिक तथा जेई को फटकार लगाई।
इसी तरह डीएम ने नगर पंचायत क्षेत्र के वार्डों में नपा की ओर से लगाई गई स्ट्रीट लाइट का ब्योरा तलब किया यह भी अधूरा मिला। इस पर वह बोले की चार लाइट लगाकर 40 दिखाते हो। बजट न होने पर टेंडर निकाले जाने की जानकारी पर भी फटकारा। नगर पंचायत डुमरियागंज क्षेत्र में निर्मित शौचालय और निर्माण की डिटेल मांगी। जो अधूरी पाई जाने पर लिपिक हसन ताकीब को फटकार लगाई। स्कूलों में लगाए गए टाइल्स की फाइल भी देखी, जिसके बाद 435000 भुगतान की फाइल मांगी, लेकिन दिखा नहीं पाए। इसमें भी खामियां पाई गईं।
स्कूलों में टाइल्स लगवाने का फोटो भी मांगा, लेकिन नहीं उपलब्ध करा पाए। जिस पर जेई रवि प्रताप सिंह को फटकार लगाई। डीएम ने 2024-25 में जल निकासी का रजिस्टर दिखाने को कहा। डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पांच काम दिखाए गए रजिस्टर में पैसा पूरा नहीं था।
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शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता । संवाद