सिद्धार्थनगर। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च को छुट्टी होने के बावजूद जिले के सरकारी दफ्तरों में दिनभर गहमागहमी का माहौल बना रहा। सुबह से ही फाइलों का ढेर, अधिकारियों के लगातार फोन, और कर्मचारियों की भागदौड़ ने कार्यालयों को पूरी तरह सक्रिय बनाए रखा। देर शाम होते-होते कई विभागों में तो स्थिति ऐसी हो गई कि कर्मचारी रात तक दफ्तरों में डटे रहे।
सबसे ज्यादा हलचल कोषागार, लोक निर्माण, पंचायत, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में देखने को मिली। ब्लॉक कार्यालय, नंगर पंचायतों में भी यही माहौल रहा। कोषागार कार्यालय में दिनभर बिल पास कराने वालों की लाइन लगी रही। कर्मचारी लगातार फाइलों की जांच और ऑनलाइन एंट्री में जुटे रहे। कई मामलों में छोटे-छोटे तकनीकी कारणों से फाइलें अटकती रहीं, जिन्हें तुरंत ठीक कर आगे बढ़ाया जारी कराने की तेजी साफ दिखी। वहीं पंचायत विभाग में ग्राम पंचायत स्तर के विकास कार्यों से जुड़े बिलों को निपटाने के लिए ब्लॉक कार्यालयों में देर शाम तक चहल-पहल बनी रही।
शिक्षा विभाग में स्कूलों से जुड़े खर्चों और योजनाओं के भुगतान को अंतिम रूप दिया गया, जबकि स्वास्थ्य विभाग में दवाओं और उपकरणों की खरीद से संबंधित फाइलों को प्राथमिकता दी गई।