बढ़नी गैर परंपरागत रास्तों से चाइनीज लहसुन को तस्करी कर नेपाल से भारतीय सीमा में लाते तस्कर।
बढ़नी। भारत-नेपाल सीमा की खुली सीमा से चाइनीज लहसुन की तस्करी बड़े पैमाने पर जारी है। पहले यह लहसुन चीन से नेपाल पहुंचाया जाता है फिर नेटवर्क से जुड़े लोग, खुली सीमा का लाभ उठाकर उसे भारत के सीमाई बाजारों तक पहुंचा देते हैं।
स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने के नाते चाइनीज लहसुन, भारतीय बाजारों में प्रतिबंधित है। बावजूद इसके मोटे मुनाफे चाह में इस धंधे से जुड़े तस्कर लोग, अपनी जेब भरने के चक्कर में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
चीन दुनिया का सबसे बड़ा लहसुन उत्पादक देश है। वहां अधिक पैदावार के लिए फसलों में भारी मात्रा में रसायन और कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। इसके अलावा चीनी लहसुन में फंगस पाए जाने की आशंका के कारण, भारत सरकार ने वर्ष 2014 में इस पर प्रतिबंध लगा दिया था।
बावजूद इसके अवैध तरीकों से चाइनीज लहसुन को भारतीय बाजारों में पहुंच रहा है और इसकी तस्करी जोरों पर है। भारतीय बाजारों में चीनी लहसुन की डिमांड की सबसे बड़ी वजह है इसकी कम कीमत। भारतीय लहसुन की अपेक्षा चाइनीज लहसुन की कीमत लगभग आधी होती है और देखने में भी वह काफी आकर्षक होती है।
तस्कर इसी का फायदा उठाकर नेपाल से चाइनीज लहसुन, भारतीय बाजारों में पहुंचाने में लगे रहते हैं। पूरी तरह से खुली सीमा होने के नाते तस्कर और रैकेट से जुड़े कैरियर पगडंडियों के सहारे पैदल, साइकिल अथवा छोटे वाहनों का प्रयोग कर पूरे खेल को अंजाम देते हैं।ा