अब इसे गांव वालों की बदकिस्मती कहें या फिर स्वास्थ्य विभाग का गैर जिम्मेदाराना रवैया। गांव में प्रसव केंद्र होते हुए भी ग्रामीणों को काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
बात हो रही है, उसका बाजार ब्लॉक के ग्राम सभा पड़हरा खुर्द स्थित प्रसव केंद्र की।चालीस वर्ष पूर्व करीब एक लाख पैंतीस हजार रुपये से प्रसव केेंद्र की स्थापना का उद्देश्य महिलाओं को त्वरित और बेहतर चिकित्सा सुविधा देना था।
आलम यह है कि स्थापना के कुछ वर्ष बाद से ही यह केंद्र बदहाली झेल रहा है। भवन इस समय ग्रामीणों के लिए भूसा, कंडा और पुआल रखने का केंद्र बना हुआ है।
जिम्मेदार लोग इससे एकदम अनजान हैं। ग्रामीणों की मानें तो ग्रामसभा में प्रति वर्ष लाखों रुपये भवन की मरम्मत के लिए भी आते हैं, लेकिन जिम्मेदार इस धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। प्रसव केंद्र की जर्जरता पर ग्रामीणों ने अपनी बात खुल कर कही।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. जीसी श्रीवास्तव ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। भवन जिस काम के लिए बना था, उसी में उपयोग किया जाएगा। जल्द ही इसकी जांच कराएंगे। सभी अनधिकृत सामान बाहर कराया जाएगा।