क्षेत्र के लोगों को सुलभ स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए शोहरतगढ़ से सटे ग्राम पंचायत गड़ाकुल में वर्ष 1998 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निर्माण करोड़ों रुपये की लागत से हुआ। विभागीय उपेक्षा के चलते अस्पताल खुद बीमार हो गया है। लोगों को बेहतर दवा-इलाज के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में भटकना पड़ रहा है। आलम यह है कि अगर कोई घायल इमरजेंसी में पहुंच जाए तो उसे मरहम-पट्टी तक के लिए रेफर कर दिया जाता है।
मंगलवार दोपहर एक बजे सीएचसी शोहरतगढ़ की व्यवस्था देखने के लिए पहुंची अमर उजाला टीम के सामने अव्यवस्था खुलकर सामने आई। अस्पताल में छ चिकित्सकों के पद हैं, जबकि वर्तमान में केवल तीन चिकित्सक काम कर रहे हैं। अस्पताल में चिकित्सक डॉ. एसके पटेल अपने कक्ष में मरीजों को देखते मिले। इसी तरह दंत कक्ष में टेक्नीशियन डॉ. आरआर मिश्र व आयुष चिकित्सक डॉ. रविंद्र श्रीवास्तव मरीज को देखते मिले।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी कक्ष, आपरेशन थियेटर, प्रयोगशाला, मस्तिष्क ज्वर, जनरेटर कक्ष में जनरेटर बंद मिला। इस अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए 30 बेड की सुविधा है। अस्पताल में महिला वार्ड में डिलेवरी की दो महिला मरीज प्रसव के लिए आई थीं। अगया गांव की प्रसूता निर्मला वार्ड में भर्ती थी। इसी प्रकार बेलवा गांव की प्रसूता शांति का प्रसव हो जाने के घंटों बाद भी खाने-पीने के लिए जिम्मेदारों ने कुछ नहीं दिया था।
प्रसूता के परिजन सुनील, मोनू, मुकेश ने बताया कि अस्पताल में भर्ती के बाद प्रसव के लिए कुछ दवा बाहर से मंगाया गया। मरीज को खाने-पीने के लिए अभी तक अस्पताल की ओर से कुछ नहीं दिया गया। सीएचसी के चिकित्सक डॉ. एसके पटेल ने बताया कि अस्पताल में दवा और चिकित्सक की कमी के चलते अव्यवस्था बनी हुई है। इसकी जानकारी चिकित्सा अधीक्षक के संज्ञान में है। सीएचसी में बाल रोग, स्त्री रोग, जनरल सर्जन, आर्थोपेडिक्स के चिकित्सकों की कमी से क्षेत्र के मरीजों को असुविधा उठाना पड़ रहा है।
इस अस्पताल में पैरासीटामाल, ओरिजेंडा, मल्टी विटामिंस आदि की दवा ही उपलब्ध है। अधिकांश दवा की उपलब्धता नहीं होने के कारण मरीजों को मजबूरन बाहर से दवा खरीदना पड़ता है। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी विभाग के जिम्मेदारों को नहीं है। इसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सीएमओ डॉ. अनीता सिंह ने बताया कि शोहरतगढ़ सीएचसी की समस्या मेरे संज्ञान में है। जल्द ही समस्या समाधान के लिए चिकित्सकों की तैनाती करा दी जाएगी।