ऑपरेशन कवच के तहत बाॅर्डर पर आयोजित हुई बैठक
सिद्धार्थनगर। ऑपरेशन कवच के तहत रविवार को ककरहवा स्थित एसएसबी कैंप पर अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद ने एसएसबी और इंडो-नेपाल सीमावर्ती ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों के साथ बैठक की। इस दौरान सीमा की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की रणनीति पर मंथन किया।
भारत-नेपाल की खुली सीमा पर तस्करी, घुसपैठ और अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने अब सीमावर्ती गांवों को सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा बनाया है। ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों से कहा गया कि सीमा क्षेत्र में होने वाली किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को दें ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद ने कहा कि नेपाल सीमा से सटे गांव सुरक्षा व्यवस्था की पहली कड़ी हैं। यदि स्थानीय लोग सतर्क रहकर पुलिस और एसएसबी के साथ समन्वय बनाए रखें तो तस्करी, अवैध आवाजाही, साइबर अपराध और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने ऑपरेशन कवच के उद्देश्यों से सभी को अवगत कराते हुए सुरक्षा व्यवस्था में जनसहभागिता की भूमिका पर विशेष जोर दिया। साथ ही साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने और डिजिटल भुगतान से जुड़े अपराधों से बचाव के उपाय भी विस्तार से बताए गए।
एएसपी ने ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति की संदिग्ध गतिविधि, सीमा क्षेत्र में अवैध आवागमन या अन्य संदिग्ध घटनाओं की जानकारी तुरंत पुलिस या एसएसबी को दें। उन्होंने कहा कि आमजन की सतर्कता ही सीमा सुरक्षा को और अधिक मजबूत बना सकती है।
इस दौरान थाना प्रभारी मोहाना जितेंद्र सिंह, एसएसबी ककरहवा के इंस्पेक्टर सुनील कुमार पांडेय, ऑपरेशन कवच प्रभारी निरीक्षक गौरव सिंह, सीमा शुल्क ककरहवा के हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार तिवारी, चौकी प्रभारी ककरहवा प्रदीप सिंह आदि मौजूद रहे।