शोहरतगढ़। बढ़नी कस्बे में इन दिनों रसोई गैस को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती जा रही है। होम डिलीवरी व्यवस्था लागू होने के बावजूद लोगों को समय पर गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी की मिलीभगत से क्षेत्र में गैस की कालाबाजारी हो रही है, जिससे उन्हें निर्धारित कीमत से कहीं अधिक दाम चुकाने पड़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बुकिंग कराने के बाद भी समय पर सिलिंडर नहीं पहुंचता है। मजबूरी में उपभोक्ताओं को 1800 से 2000 रुपये तक देकर सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है, जो सामान्य दर से लगभग दोगुना है। कस्बे के संजय जायसवाल, आशीष, रितेश, नीरज, अनूप वर्मा, दुर्गेश, यश कसौधन और संदीप कश्यप ने बताया कि एजेंसी पर गैस वितरण अधूरा कर बीच में ही बंद कर दिया जाता है, जिससे लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ता है।
उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि होम डिलीवरी के नाम पर एजेंसी के कर्मचारी लोगों को एजेंसी पर आने से मना कर देते हैं, लेकिन चार से पांच दिन तक भी सिलिंडर घर नहीं पहुंचता। इस बीच बिचौलियों के माध्यम से कालाबाजारी करने वाले आसानी से गैस उपलब्ध करा देते हैं, जिससे मजबूर होकर लोगों को ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी विजय उपाध्याय का कहना है कि सरकार द्वारा नियमित आपूर्ति के बावजूद गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है। एजेंसी के कर्मचारी सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन समय पर डिलीवरी नहीं होती, जिससे आखिर में ब्लैक में महंगे दाम पर सिलिंडर खरीदना पड़ता है। वहीं, उमाशंकर गौड़ ने आरोप लगाया कि कर्मचारी भी संतोषजनक व्यवहार नहीं करते, जिससे समस्या और बढ़ जाती है।