आयुष अस्पताल के प्रबंधक को अवमानना का नोटिस
- रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने पर परिवार न्यायालय ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। परिवार न्यायालय की अपर न्यायाधीश कु. रिंकू जिंदल ने रिकॉर्ड न उपलब्ध कराने पर जिला मुख्यालय स्थित आयुष अस्पताल के प्रबंधक कुमुद लता को नोटिस दिया गया है।
कोर्ट ने कहा कि क्यों न आपके विरुद्ध न्यायिक अवमानना व कारावास की कार्रवाई की जाए। न्यायालय ने यह कार्रवाई पति-पत्नी के बीच चल रहे भरण-पोषण के मुकदमे की सुनवाई के दौरान की।
जुबैदा खातून नाम की महिला ने अपने पति अली अहमद के विरुद्ध भरण-पोषण की याचिका न्यायाल में दाखिल किया था, जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायालय ने पति के विरुद्ध भरण-पोषण देने का आदेश पारित किया था।
याचिका को चुनौती देते हुए अली अहमद ने पत्नी जुबैदा पर आरोप लगाते हुए अलग रहने के दौरान गर्भवती होकर शहर के आयुष हॉस्पिटल में प्रसव होने की बात कहते हुए उक्त भरण पोषण की याचिका में पारित आदेश को निरस्त करने हेतु याचिका प्रस्तुत किया, जिसके बाद कोर्ट ने आयुष हॉस्पिटल से बच्चे के जन्म के संबंध में रिकॉर्ड तलब करने के लिए नोटिस जारी किया।
रिकॉर्ड न उपलब्ध कराने पर न्यायालय की ओर कई बार हॉस्पिटल के प्रबंध को रिमाइंडर भी भेजा गया और व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध होकर आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया। जिसके जवाब में अस्पताल की प्रबंधक ने अस्पताल संचालक डॉ. संजय जायसवाल की मृत्यु हो जाने की बात कहते हुए रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में अक्षम बताया।
जिसके बाद मामले की सुनवाई करते हुए अपर न्यायाधीश कु. रिंकू जिंदल ने प्रबंधक कुमुद जायसवाल को पांच दिसंबर को न्यायालय में पेश होने का नोटिस जारी करते हुए कहा कि क्यों न आपके विरुद्ध अवमानना व दस्तावेज उपलब्ध न करवाने पर कारावास की कार्रवाई की जाए।