सिद्धार्थनगर/बांसी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बांसी सत्यप्रकाश आर्य ने शनिवार को मो. उमर (14) की गला रेतकर हत्या के मामले में उसके चाचा नजीर और उसके साथी अब्दुल्लाह को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
वहीं, किशोर के अपहरण के लिए दोनों को सश्रम आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में पथरा थाना क्षेत्र के खोरिया रघुवीर सिंह गांव निवासी मो. उमर (14) अब्दुल अजीज को उसके सगे चाचा नजीर उर्फ नजीरू ने अपने मित्र अब्दुल्ला के साथ मिलकर अपहरण कर लिया था। बाइक से दोनों उमर को बस्ती जिले के थाना कलवारी क्षेत्र में ले गए, जहां उन्होंने पहले रुमाल से गला घोंटकर उसे अचेत किया और फिर धारदार चाकू से बारी-बारी गला काटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों अभियुक्त लाश को मौके पर ही छोड़कर भाग निकले।
इस संबंध में थाना पथरा बाजार में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, अभियुक्तों की लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज समेत ठोस साक्ष्यों के साथ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता और क्रूरता को देखते हुए दोनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई। साथ ही अपहरण के लिए सश्रम आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। अर्थदंड न अदा करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।