राजकीय कन्या इंटर कालेज का जर्जर भवन।
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सिद्धार्थनगर। नगर के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज का भवन जर्जर हो चुका है। भवन में दरारें पड़ चुकी हैं। बरसात में छत से पानी टपकता है। भवन कब ढह जाए इसका कोई भरोसा नहीं है। बावजूद जिम्मेदार भवन आंखें मूंदे हुए हैं। छात्राएं इसी भवन में जान जोखिम डाल पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय प्रशासन का कहना है कि वह कई बार मरम्मत के लिए पत्र लिख चुका है। उधर, डीआईओएस धनाभाव की दलील दे रहे हैं।
नगर के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के स्थापना को लगभग चार दशक गुजर चुके हैं। भवन निर्माण के बाद से उसमें कोई मरम्मत नहीं हुई। नतीजा भवन की यह स्थिति है कि वह कभी भी ढह सकता है। जर्जर भवन की छत व दीवार के प्लास्टर टूट चुके हैं। दीवार में जगह-जगह दरारें आ गई हैं। बारिश के दिनों में छत झरने का रूप ले लेता है। इसके बावजूद इसी भवन के नीचे छात्राओं की पढ़ाई हो रही है।
परिसर में निर्मित दो भवन पहले ही कंडम घोषित हो चुके हैं। छात्राओं को स्वच्छ पानी मुहैया कराने के लिए परिसर में पांच हैंडपंप लगे हैं, जिसमें तीन खराब पड़े हैं। रसोई गृह के पास हैंडपंप में करंट भी उतरता है। जिससे हादसे का भय बना रहता है। इस संबंध में विद्यालय की प्रधानाचार्य विभा चतुर्वेदी ने बताया कि भवन की स्थिति के बारे में कई बार विभाग को पत्र लिखकर अवगत कराया जा चुका है। अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। वहीं, डीआईओएस सोमारू प्रधान ने भी स्वीकार किया कि भवन की स्थिति खराब है, मगर मरम्मत के लिए धन नहीं है। शासन को पत्र लिखा गया है।