तारीख का पता नहीं, दावेदार दे रहे हैं दावत
मतदाताओं को अभी से लुभाने में जुटे संभावित दावेदार
गांवों के चौराहों पर अभी से पोस्टर और बैनर लगने शुरू
इरफान बाकर
बांसी। निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में शांतिपूर्ण चुनाव कराना इस बार प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। हालत यह है कि दावेदारों में मतदाताओं को लुभाने के लिए उपहार बांटने और दावत देने की होड़ मची है। जबकि पंचायत चुनाव के तारीख का पता नहीं।
पंचायत चुनाव की तिथि भले ही निर्धारित नहीं हुई है और न ही आरक्षण की स्थित स्पष्ट है लेकिन चुनावी मैदान में संभावित दावेदारों ने ताल ठोकना शुरू कर दिया है। दावेदार अभी से चुनाव का परिणाम अपने पक्ष में करने के लिए वह सब कुछ कर गुजरने के लिए बेताब हैं। धनबल और बाहुबल वाले प्रत्याशी इसे सुनहरा अवसर मान रहे हैं। इनका मानना है कि चुनाव आचार संहिता लागू होने से पूर्व माहौल को अपने पक्ष में करने का यह बढ़िया अवसर है। हालत यह है जिला पंचायत सदस्य, गांव की प्रधानी और क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी अपने क्षेत्र में होर्डिंग लगा चुके हैं। साथ ही लंबे काफिले के साथ क्षेत्र में प्रचार करने जा रहे हैं। यही नहीं प्रचार के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा खूब लिया जा रहा है। चुनाव परिणाम अपने पक्ष में करने के लिए कई दावेदार कंबल बांट रहे हैं तो कोई हैंडपंप लगवा रहा है। कुछ दावेदार पेंशन बनवाने और आवास दिलाने का वादा कर रहे हैं। विवाह का सीजन होने की वजह से आर्थिक मदद भी हो रही है। दावेदार क्षेत्र में हो रहे धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के साथ ही सहयोग राशि भी दे रहे हैं। संवाद