फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खतरा : राप्ती सेतु के बीम में आई दरार, हादसे का खतरा

विज्ञापन
डुमरियागंज राप्ती नदी के पुल के जंपिंग स्प्रिंग खा रही जंग। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

शाहपुर। डुमरियागंज राप्ती नदी के तट पर राप्ती सेतु की बीम में दरार आ गई है। यह एक बड़े खतरे की तरफ इशारा कर रहा है। पुल में आई दरार को लेकर क्षेत्र के लोग आशंकित है कि अगर इस ओर जल्द से जल्द गंभीरता नहीं दिखाई तो एक बड़ा हादसा हो सकता है।
राप्ती सेतु का निर्माण वर्ष 1968 में सार्वजनिक निर्माण निगम लखनऊ की तरफ से कराया गया। देखरेख के अभाव में यह बदहाल हो रहा है। समय रहते इसकी मरम्मत नहीं हुई तो किसी दिन बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
विज्ञापन

डुमरियागंज से बढ़नी मार्ग पर स्थित डुमरियागंज राप्ती नदी के तट पर बने राप्ती सेतु की छत की बीम में दरारें पड़ रही हैं। यह दरारें कई बीम में हैं। राप्ती सेतु में लगी जंपिंग स्प्रिंग में भी जंग लग लग गया है।
इसी मार्ग से शाहपुर मंडी व बढ़नी होते हुए नेपाल जाने के लिए सैकड़ों वाहन प्रतिदिन आवागमन करते हैं। वहीं यदि डुमरियागंज राप्ती सेतु टूटा तो इटवा, बढ़नी व नेपाल तक आने जाने वालों का संपर्क टूट जाएगा। दूसरे रूट से जाने वालों को 15 से 30 किमी लंबी दूरी तय कर जाना पड़ेगा।
ऐसे में समय के साथ लोगों को किराया भी अधिक खर्च करना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि डुमरियागंज आने जाने के लिए एक लकड़ी का पुल बना था, लेकिन बरसात में उस पुल का उपयोग नहीं होता था।
विज्ञापन

नाव से लोग नदी पार करते थे, लेकिन राप्ती सेतु बनने के बाद लोगों को आने जाने में आसानी हो गई। इटवा, बढ़नी व नेपाल तक लोग अब आसानी से आते जाते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें