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सूबे में खुलेंगे 18 साइबर क्राइम के थाना

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सूबे में खुलेंगे 18 साइबर थाने
रेंज स्तर पर थाना खोले जाने की शासन की मंजूरी
बस्ती रेंज के थाने में होगी जिले के अपराध की विवेचना
श्याम सुंदर तिवारी
सिद्धार्थनगर। इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के बीच साइबर अपराध बढ़ गया है। साइबर अपराधियों से निपटने के लिए शासन की ओर से स्पेशल थाने खोले जाने की मंजूरी दी गई है। सूबे के 18 रेंज मुख्यालय पर साइबर थाना खोले जाने के लिए हरी झंडी मिल गई है। इस संबंध में प्रमुख सचिव की ओर से पत्र भी जारी कर दिया गया है।
बदलते वक्त से साथ हर हर काम ऑनलाइन होने लगा है। ऑनलाइन के लिए लोग इंटरनेट का तेजी से प्रयोग कर रहे हैं। इसमें नेट बैंकिंग सहित कई सेवाएं ऑनलाइन की जा रही हैं। इस ऑनलाइन सेवा पर साइबर अपराधी हावी हो चुके हैं। पल भर में जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई उड़ा दे रहे हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया के जरिए कई प्रकार के अपराध को अंजाम दिए जा रहे हैं। चुनौती बन चुका साइबर अपराध पर सही कार्रवाई नहीं होने के चलते साइबर अपराधी वारदात को अंजाम दे रहें। साइबर अपराध से निपटने और अपराधियों पर सही कार्रवाई करने के लिए शासन साइबर थाना खोले जाने की कवायद में जुट गया है। शासन ने रेंज मुख्यालय पर थाना खोले जाने की योजना बनाते हुए थाने खोले जाने को मंजूरी दे दी है। इसमें प्रदेश के 18 रेंज मुख्यालय पर साइबर थाने खुले जाने को हरी झंडी मिल गई है। इस संबंध में प्रमुख सचिव स्तर से पत्र भी जारी कर दिया गया है।
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इन जिलों मेें खुलेगा साइबर क्राइम पुलिस थाना
शासन की ओर से जारी किए सूची के मुताबिक मिर्जापुर, गोंडा, आजमगढ़, सहारनपुर, अलीगढ़, कानपुर, बांदा, आगरा, मुरादाबाद, वाराणसी, झांसी, प्रयागराज, अयोध्या, बरेली, बस्ती, गोरखपुर, लखनऊ, गौतमबुद्धनगर का नाम शामिल है।
थाना खुलने अपराध पर लगेगा अंकुश
साइबर क्राइम के मामले में एक्सपर्ट नहीं होने के कारण कार्रवाई नहीं हो पाती है। साथ ही थानों पर अतिरिक्त बोझ होने के कारण न तो विवेचना होती है और न ही सही समय पर कार्रवाई। इससे अपराधियों के हौसले और बढ़ जाते हैं। साइबर अपराध रोकने के लिए अलग से थाना बनने सहूलियत होगी। दूसरे जब साइबर के स्पेशलिस्ट मामले की जांच करेंगे तो कार्रवाई में तेजी आएगी। इससे अपराध में कमी आएगी। वहीं, लोग साइबर अपराध का शिकार होने से बच सकेंगे।
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मंडल मुख्यालय पर साइबर थाने की स्थापना को मंजूरी मिल चुकी है। इसमें आईटी संबंधी प्रकरण दर्ज कर तफ्तीश की जाएगी। कैशलेस ट्रांजेक्शन का चलन बढ़ने से साइबर के बढ़ते मामलों को देखते हुए इसकी जरूरत महसूस की जा रही थी। न केवल पुलिस बल्कि आम आवाम को भी काफी राहत मिलेगी। ओएलएक्स पर खरीद, पेटीएम से पेमेंट, आरटीजीएस, ऑनलाइन जीएसटी इनवाइस, फेसबुक अकाउंट हैक करने, ऑनलाइन फ्रॉड के मामले त्वरित गति से पकडे़ जा सकेंगे।
- आशुतोष कुमार, आईजी
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