सिद्धार्थनगर। नोटबंदी से उपजे हालात अब बेकाबू होने लगे हैं। रोजाना बैंकों के चक्कर लगाकर लौट रहे ग्राहकों का धैर्य जवाब दे रहा है। गुरुवार को जिले के चार प्रमुख मार्गों को ग्राहकों ने जाम कर दिया। बैंकों के बाहर बीच सड़क पर बैठ गए। अव्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कहीं दो दिन तो कहीं तीन से लौट रहे ग्राहकों का गुस्सा सरकार के प्रति था तो बैंक प्रबंधन को भी कोसने में पीछे नहीं रहे।
उनका कहना था कि जब कैश उपलब्ध नहीं करा सकते तो फिर नोटबंदी ही क्यों की। विरोध जताने वालों में तमाम ऐसे लोग भी थे, जिन्हें दवा, खाद-बीज और विवाह के लिए पैसों की जरूरत थी। कैश के अभाव में लोगों की छटपटाहट बर्दाश्त के बाहर थी। ककरहवा-रुधौली एनएच-233 पर डिडई व बर्डपुर के पास करीब डेढ़-डेढ़ घंटे तक जाम रहा। तुलसियापुर में शोहरतगढ़-बढ़नी एनएच-730 भी एक घंटे तक जाम रहा। उधर, इटवा-बांसी मुख्य मार्ग को गोल्हौरा के पास ग्राहकों ने आधे घंटे तक जाम रखा। पुलिस-प्रशासन व बैंक प्रबंधन ने सोमवार तक कैश उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया।
बर्डपुर। कस्बा स्थित एसबीआई शाखा में कैश न होने से परेशान ग्राहक गुरुवार को सड़क पर उतर आए। बैंक के सामने ककरहवा-नौगढ़ मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। मौके पर पहुंची मोहाना पुलिस ने ग्राहकों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। कैश के लिए सुबह 6 बजे से ही कतार में खड़े लोगों का गुस्सा उस समय भड़क गया, जब उन्हें बैंक में कैश न होने की सूचना मिली। गुस्साए लोगों ने सुबह 9 बजे बैंक के सामने एनएच पर बैठ गए और जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नोटबंदी के बाद से ही बैंक में कैश पर्याप्त संख्या में नहीं आ रहा।
इससे दिक्कत नहीं है। रबी की बुवाई का सीजन बीतता जा रहा है। दवा-इलाज के लिए भी पैसे नहीं मिल रहे। लोगों का बुरा हाल है। जाम की सूचना पर मोहाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों से वार्ता की। शाखा प्रबंधक हीरालाल ने ग्रामीणों को कैश की वस्तु स्थिति से अवगत कराया। बताया कि नौगढ़ से करेंसी पर्याप्त नहीं मिल रहा है, इससे यह दिक्कतें हो रही है। जल्द ही समस्या खत्म होगी।
परसा। एसबीआई तुलसियापुर चौराहा शाखा में शनिवार से ही कैश न होने से ग्राहकों के सब्र का बांध गुरुवार को टूट गया। कैश न मिलने से नाराज ग्राहकों ने शोहरतगढ़-बढनी मार्ग (एनएच-730) को बैंक के सामने जाम कर दिया। सूचना पर शाखा प्रबंधक ने बैंक के उच्चाधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। शाखा प्रबंधक मदन गोपाल श्रीवास्तव ने बताया कि मुख्यालय के करेंसी चेस्ट में ही कैश नहीं है। कैश अगर कल आता है तो उपभोक्ताओं को मिलेगा। आश्वासन के बाद जाम समाप्त हुआ। करीब दो घंटे तक जाम से मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम लगाने वालों में अनिल अग्रहरि, बीडीसी सगीर अहमद, उमेश चंद्र, गुलाम हैदर, शिवा, रवि कुमार अग्रहरि, मो.निराले, सचिन श्रीवास्तव, लक्ष्मीकांत तिवारी, जमील, राघवेंद्र, मो.अमीन, शब्बीर, महमूद आलम, राजकुमार चौधरी, विक्की गुप्ता आदि मौजूद रहे।
बांसी। एसबीआई डिडई शाखा में गुरुवार को भी कैश नहीं पहुंच सका। इसकी जानकारी ग्राहकों को हुई तो वह उग्र हो गए। सुबह से ही कतार लगाकर खड़े ग्राहकों ने बैंक के सामने बस्ती-बांसी नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। अव्यवस्था के खिलाफ जमकर नारे लगाए। ग्राहकों का कहना था कि वह तीन दिनों से कैश के लिए भटक रहे हैं। जरूरी काम छोड़कर घंटों कतार लगाने के बाद भी पैसा नहीं मिल पा रहा। हर रोज आज-कल कह कर वापस भेज दिया जाता है। वह तब तक नहीं लौटेंगे, जब तक समस्या का समाधान नहीं होता।
कोतवाली प्रभारी डीके श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। भाजपा नेता राजेंद्र तिवारी ने पहल करते हुए शाखा प्रबंधक से वार्ता की। ग्रामीणों के बीच आकर प्रबंधक सुनील कुमार महराज ने कैश न होने की समस्या बताई। कहा कि सोमवार तक कैश आने की उम्मीद है। इसके बाद ही स्थिति सामान्य हो पाएगी। करीब डेढ़ घंटे तक जाम के बाद लोग आश्वासन पर वापस लौटे। जाम लगाने वालों में ओमप्रकाश तिवारी, मनोज पांडेय, गोरखनाथ पांडेय, कपिलदेव, इंद्रदेव, नाजिर हुसैन, मुस्तकीम, ओमप्रकाश गुप्ता, गनेश मोदनवाल आदि मौजूद रहे।
गोल्हौरा। कस्बा स्थित एसबीआई शाखा में भी गुरुवार को कैश नदारद था। सुबह से लाइन लगाए बैठे ग्रामीण उग्र हो गए। लोगों ने बांसी-इटवा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित रहा। जाम लगाए लोगों का कहना था कि वह दो दिन से आ रहे हैं, मगर पैसा नहीं मिल पा रहा। खेती ठप पड़ी है। दवा-इलाज नहीं हो पा रहा। दैनिक जरूरतों की पूर्ति के लिए उधार भी नहीं मिल रहा। ऐसे में हालात विकट हो गए हैं। मौके पर पहुंची एसएचओ सुमन त्रिपाठी ने बैंक प्रबंधन से वार्ता की। ग्रामीणों को कैश संकट से अवगत कराया।
बताया कि चेस्ट में करेंसी न होने से यह दिक्कत है। शीघ्र ही पैसा आ जाएगा। जाम लगाने वालों में रमेश चौरसिया, भूपेंद्र त्रिपाठी, महेश मणि, आज्ञाराम, रामपति, संतलाल, महेश, सुनील आदि शामिल रहे। उधर, यूबीआई की जिगनिहवा शाखा में भी कैश का संकट बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बैंक कर्मचारियों की मनमानी से पैसा नहीं मिल पा रहा। वह अपने चहेतों को संतुष्ट करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।