- लगातार एक ही बॉर्डर पर सीमा लांघ रहे विदेशी नागरिक
- चार माह में पांच बार पकड़ में आए विदेशी नागरिक सुरक्षा को चुनौती
- अभी एक माह पहले पकड़े गए थे दो चीनी नागरिक, जो पूर्व में भी आ चुके थे बॉर्डर इस पार
- एक और चीनी नागरिक के अवैध रूप से घुसपैठ के बाद सुरक्षा एजेंसी या मकसद जानने में जुटी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल की सरहद पर विदेशी नागरिकों का दखल लगातार बढ़ रहा है। वह भूल से सीमा पार लांघ रहे हैं या फिर कोई साजिश है। इसकी जानकारी के लिए सुरक्षा एजेंसी हरकत में हैं। बृहस्पतिवार मोहाना क्षेत्र के लीलाडिहवा बार्डर से घुसपैठ करते हुए एक चीनी नागरिक को एसएसबी और मोहाना पुलिस ने पकड़ा था। वैध कागजात नहीं मिलने के बाद विदेशी अधिनियम के तहत केस दर्ज करके जेल भेज दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी से पकड़ तो लिए जा रहे हैं। लेकिन जानकार इस घुसपैठ को चिंताजनक बता रहे हैं। उनका कहना है कि नेपाली नागरिक आना समझ में आता है, लेकिन चीनी नागरिक सीमा लांघ रहे हैं व भी लगातार, कहीं यह साजिश का तो हिस्सा नहीं है। उनका मामना है कि बार्डर पर जाने- आने में चीनी, बांग्लादेशी नागरिकों का पहुंचना सुरक्षा के लिहाजा से ठीक नहीं है। हालांकि सुरक्षा एजेंसी पूरी तरह से अलर्ट हैं और हर आने- जाने वालों पर नजर रख रही हैं। संदिग्ध दिखने वालों से पूछताछ करने के साथ ही उनका पूरा डाटा नोट किया जा रहा है।
नेपाल से जिले की 68 किलोमीटर सीमा लगती है। बार्डर की निगरानी के लिए एसएसबी को तैनात कर दिया गया। इसके अलावा अन्य एजेंसियां लग गई हैं। साथ ही सीमावर्ती थानों की पुलिस भी बार्डर पर गिनाह रखती है। बार्डर मादक पदार्थ और अन्य सामान की तस्करी जगजाहिर है। सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई इस बात की पुष्टि करती है। लेकिन बात तस्करी पर नहीं रुकती है। देश विरोधी तत्व कई बार सुरक्षा एजेंसियों के हाथ लगे और उनकी पूछताछ में इसी सीमा क्षेत्र में नेपाल में बैठकर गतिविधि संचालित करने की बात स्वीकार कर चुके हैं। इससे सीमा की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। नेपाल से होकर कोई भी सीमा में प्रवेश कर सकता है। एसएसबी और लोकल पुलिस टीम इसलिए भ्रमण करती रहती है। लेकिन पिछले कुछ समय से सीमा पर विदेशी नागरिकों को दखल बढ़ गया है। बिना वैध कागजात घुसने की कोशिश करते हुए पकड़ जा रहे हैं। नौ मई को मोहाना थाना क्षेत्र के लीलाडि़हवा बार्डर पर चेकिंग के दौरान एसएसबी 66वीं वाहिनी और मोहाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक विदेशी नागरिक को घुसपैठ करते हुए पकड़ा। उसके पास कोई वैध कागजात नहीं था। इसलिए विदेशी अधिनियम के तहत केस दर्ज करके जेल भेज दिया। इसके आगे उसकी जांच कर रही है।
एक नजर सीमा पर पकड़े गए विदेशी नागरिकों पर
वर्ष 2022 में 17 जुलाई को चार बांग्लादेशी नागरिकों को एसएसबी जवानों ने पकड़ा था। अवैध रूप से घुसैपठ में जेल गए थे। 22 जुलाई 2023 को ककरहवा बार्डर से एक चीनी महिला भटकर भारत में आ गई थी। पूछताछ करने के बाद पुलिस ने उसे नेपाल पुलिस को सौंप दिया था। 25 जुलाई को रूस का एक नागरिक प्रवेश कर लिया। पूछताछ के बाद उसे नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया था। 17 अगस्त 2023 को एक बांग्लादेशी अवैध रूप से घुसपैठ करने पर पकड़ा गया था। पूछताछ करने के बाद जेल भेज दिया गया था। 14 मार्च 2024 को मोहाना पुलिस ने प्रवेश करते हुए 16 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा। जांच में पाया गया कि सभी एक परिवार के हैं और पर्यटन नेपाल में आए थे। बाद में उन्हें नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया। जबकि 26 मार्च को दो चीनी नागरिक पकड़े गए। इसमें एक महिला और एक पुरुष शामिल रहे। यह घुसपैठ करते हुए पकड़े गए थे। इनके पास कागजात मिले थे। संदेह होने पर पुलिस ने रिमांड लेकर पूछताछ किया तो पता चला कि पकड़ा गया व्यक्ति पहले भी भारत में प्रवेश किया था। जिसकी जांच अभी चल रही है। इधर इसी बीच एक और चीनी नागरिक के पकड़े के जाने के बाद यह लग रहा है कि यह सीमा चीनी नागरिकों के लिए लांचिंग पैड बन गया है। हालांकि इनके पकड़े जाने के बाद सीमा पर तैनात सभी सुरक्षा एजेंसियां चौकस हो गई हैं। सीमा पार से आने वाले हर व्यक्ति के मूमेंट पर नजर रख रही है।
जांच के लिए जाएगा मोबाइल फोन
नौ मई को लीलाडिहवा बार्डर से पकड़े गए चीनी नागरिक को मोबाइल पुलिस ने जब्त किया गया है। उसका मोबाइल काफी पुराना है, इसलिए उसे जांच के लिए भेजा जाएगा। जिससे मोबाइल से अगर कुछ डिलेट किया हो तो उसके बारे में भी जिम्मेदारी मिल जाए।
सीमा पर सुरक्षा एजेंसी और थानों की पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। हर संदिग्ध व्यक्ति की चेकिंग की जाती है। सीमा पर पूरी तरह से सतर्कता बरती जा रही है। संदिग्धों को पकड़ने के साथ ही कार्रवाई की जा रही है। पकड़े गए चीनी नागरिक के मोबाइल फोन की जांच कराई जाएगी। हर स्तर से जांच की जा रही है।
प्राची सिंह, पुलिस अधीक्षक