सिद्धार्थनगर जिला अस्पताल परिसर में घूम रही मनोरोगी महिला के प्रकरण में शुक्रवार को नया मोड़ आ गया। जिला अस्पताल प्रशासन ने महिला का गर्भ धारण परीक्षण कराने के बाद दावा किया महिला गर्भवती नहीं है। वह बीमारी से ग्रसित है, जिसमें गर्भवती होने जैसा प्रतीत होता है। सीएमएस ने डीएम व एसपी को पत्र लिख महिला को नारी निकेतन भेजने के लिए अनुमति मांगी है।
करीब डेढ़ वर्ष से अस्पताल परिसर में रह रही मनोरोगी महिला की हालत देख दो दिन पहले चिकित्सकों ने उसके करीब पांच माह की गर्भवती होने की बात कही थी। इससे आशंका जताई जा रही थी कि महिला से दुष्कर्म हुआ होगा।
मामला तूल पकड़ने के बाद और संदिग्धों की डीएनए जांच की कोशिशों के बीच शुक्रवार को सीएमएस ने प्रेग्नेंसी किट से महिला का परीक्षण किया। इसके बाद सीएमएस डॉ.रोचस्मति पांडेय ने बताया कि महिला गर्भवती नहीं है, बल्कि वह एक बीमारी से पीड़ित है, जिसमें रोगी के हाव- भाव गर्भवती होने का आभास दिलाते हैं।
कार्रवाई करते हुए सीएमएस ने डीएम नरेंद्र शंकर पांडेय व एसपी महेंद्र यादव को पत्र भेजकर अर्द्धविक्षिप्त महिला को नारी निकेतन भेजने की जरूरत बताई। उधर, इस संबंध में पुलिस अधीक्षक महेंद्र यादव का कहना था कि चिकित्सकीय परीक्षण में मनोरोगी महिला के गर्भ धारण संबंधित कोई बात सामने नहीं आई है। बावजूद पुलिस सारी स्थिति पर निगाह रखे है। किसी भी प्रकार की सूचना पर पुलिस कार्रवाई करेगी।