दारोगाओं को दिशा-निर्देश देते अपर पुलिस अधीक्षक
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अपर पुलिस अधीक्षक के औचक निरीक्षण से थाने में हड़कंप मच गया। आनन-फानन पुलिसकर्मी खामियों को दुरुस्त करने में जुट गए। एएसपी ने निरीक्षण के बाद वहां तैनात पुलिसकर्मियों की क्लास ली। इसके साथ ही थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिसकर्मियों से सवाल-जवाब भी किए। सही जवाब न दे पाने पर कई पुलिसकर्मियों पर जुर्माना ठोंक दिया। कई की पीठ थपथपाते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा भी की।
अपर पुलिस अधीक्षक सुभाषचंद्र शाक्य ने थाने का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने हवालात और बैरकों की नजाकत को भी देखा। इस दौरान वहां गंदगी देख उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने एसओ अजयराज वर्मा को फटकारतेे हुए वहां शीघ्र साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एसओ से कई बिंदुओं पर जानकारी लेते हुए भाग टू ए का अर्थ पूछा। जवाब न बताने पर उनको जमकर फटकार लगा दी। इसके बाद उन्होंने वहां तैनात सभी पुलिसकर्मियों को बुलाकर क्लास लेना शुरू कर दिया। उन्होंने चीता मोबाइल सिपाहियों महेंद्र वर्मा और हरीश कुमार से बीट सिपाही का मतलब पूछा। इस पर वह दोनों मुंह ताकते रह गए।
उनसे रजिस्टर नंबर आठ के एक-दो भाग में क्या काम होता है। इस पर भी वह दोनों कोई संतोषजनक उत्तर न दे सके। हालत खराब देख एएसपी ने उनकी जमकर फटकार लगाई। एसआई ब्रजेश बाबू से रजिस्टर नंबर आठ के संबंध में पूंछा गया, लेकिन वह भी कुछ न बता सके। इस पर अपर पुलिस अधीक्षक झलझला उठे और उन्होंने पांच सौ रुपये का जुर्माना कर दिया। मुंशी गोकरन सिंह पर भी पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाया गया।
एसआई सत्यपाल और एसआई कालीकृष्ण द्वारा संतोषजनक उत्तर मिलने पर उनकी पीठ थपथपाते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की। इसके बाद उन्होंने गुंडा एक्ट, गैंगस्टर व लंबित पड़ी विवेचनाओं सहित फरार चल रहे वाहन चोरों के संबंध में जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।