संदिग्ध परिस्थितियों में अपहृत शिक्षक को पुलिस व परिजनों ने पांच घंटों में जिला बलरामपुर के लैबुढ़वा रेलवे स्टेशन के पास से ढूंढ निकाला। मामला ढेबरूआ थाना क्षेत्र के तुलसियापुर व बुधवार की दोपहर का बताया जा रहा है।
शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बोहली निवासी मृदुल श्रीवास्तव (23) पुत्र रमेश चन्द्र घटना के समय साइकिल से तुलसियापुर चौराहे पर गया था। मोबाइल रिचार्ज कराने के बाद घर को वापस हो गया। एक ढाबे के पास शौच के लिए खेत में गया। इतनी देर में साइकिल के पास एक चारपहिया वाहन रुका।
इसमें सवार एक आदमी ने मृदुल से तुलसियापुर जाने का रास्ता पूछा। वाहन में उतरे दूसरे व्यक्ति ने नाक पर नशीला पदार्थ रख दिया। जिससे वह बेहोश हो गया। इधर घर न पहुंचने पर परिजनों ने इसकी सूचना ढ़ेबरुआ पुलिस को दे दिया।
इसी बीच अपहृत शिक्षक ने फोन के माध्यम से परिजनों को सूचना दिया कि उसका अपहरण कर लिया गया है। पूछने पर बताया कि तुलसीपुर- लैबुढ़वा के मध्य रेलवे पटरी से बंधा हुआ पड़ा है। परिजनों ने फोन पर मिली सूचना के संबंध में मुकामी पुलिस को बताया।
पुलिस ने परिजनों को साथ लिया और बताए गए लोकेशन पर पहुंच गई। एक स्थान पर युवक बंधा हुआ मिला। इस बीच अपहरण की सूचना क्षेत्र में जंगल में आग की तरह फैल गई। क्षेत्र में चर्चा का बाजार गर्म हो गया।
ग्रामीणों के मुताबिक मृदुल श्रीवास्तव तुलसियापुर चौराहे के निकट मधवापुर स्थित एक प्राइवेट स्कूल में अध्यापक है। बस्ती जिला निवासी एक व्यक्ति से जमीनी विवाद भी चल रहा है। इस संबंध में पुलिस कुछ भी कहने से बचती नजर आई।
थानाध्यक्ष ढ़ेबरुआ इन्द्रजीत यादव ने पूछने पर बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है। जिला बलरामपुर के थाना तुलसीपुर क्षेत्र के लैबुढ़वा तक जाने की बात पर एसओ ने कहा कि आना-जाना अक्सर लगा रहता है। सीओ शोहरतगढ़ शंकर प्रसाद ने कहा कि परिजनों की तहरीर पर मृत्युंजय श्रीवास्तव व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।