स्कूल के एक कार्यक्रम में अमरिंदर सिंह (पीछे सफेद पगड़ी में)। फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
डुमरियागंज। शुक्रवार को नगर के एक निजी स्कूल प्रबंधक के इकलौते पुत्र के अचानक लापता हो जाने और कुछ ही देर बाद उसके अपहरण की सूचना के साथ दस करोड़ की फिरौती की मांग से कसबे में सनसनी फैल गई। परिवार के लोग बच्चे के अपहरण और फिरौती की खबर से सकते में आ गए। मदद के लिए इधर उधर भटक रहे थे कि इसी बीच उसके खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर मिलने की खबर आ गई। पुलिस को सारा मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। इस मामले में कोई तहरीर भी नहीं दी गई है।
डुमरियागंज नगर स्थित श्रीगुरुनानक एकेडमी के प्रबंधक परमजीत सिंह भाटिया का इकलौता बेटा अमरिंदर सिंह भाटिया उर्फ राज (15 साल) शुक्रवार की दोपहर करीब 12.30 बजे स्कूल में छुट्टी होने के बाद डुमरियागंज के एक कम्प्यूटर की दुकान पर गया था। इसी दौरान एक कार से कुछ लोग वहां आए और अमरिंदर को बुलाकर गाड़ी के पास ले गए। वहां पहुंचते ही उसे जबरिया कार में बैठाकर वहां से फरार हो गए।
घटना के कुछ घंटे बाद अमरिन्दर के ही फोन से परमजीत के मोबाइल पर फोन कर बेटे की सलामती और छोडने के नाम पर 10 करोड़ रूपए की फिरौती के साथ उसे छपरा आने को कहा। परमजीत ने सपा नेता रामकुमार चिनकू यादव को फोन पर इसकी सूचना दी। चिनकू ने आईजी जोन को घटना की जानकारी देते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। आईजी जोन के निर्देश पर पुलिस हरकत में आई। रेलवे स्टेशनों व बस अड्डों पर निगरानी के साथ ही वाहनों की जांच शुरू हो गई।
इधर परमजीत घटना की जानकारी देने के लिए थाने पर पंहुचे तभी खलीलाबाद रेलवे स्टेशन से जीआरपी ने उसके मोबाइल पर फोन कर बताया कि राज भाटिया नाम का एक लड़का रेलवे स्टेशन पर अकेले रोते हुए मिला है। उसके कहने पर सूचना दी जा रही है। जीआरपी खलीलाबाद ने राज को बस्ती जीआरपी पर पंहुचाने की बात कही। इसके बाद राज के परिवार के लोग बस्ती के लिए रवाना हो गए। इस संबंध में डुमरियागंज थानाध्यक्ष गोपालजी यादव ने बताया कि उन्हें अपहरण की कोई तहरीर नहीं मिली है। जहां तक उन्हें जानकारी है, मामला अपहरण का नहीं लग रहा है। वह घूमते हुए वहां पहुंच गया है।