सिद्धार्थनगर। फर्जी पासपोर्ट के साथ मुरादाबाद में लश्कर आतंकी फरहान अहमद अली की गिरफ्तारी के बाद जिले की पुलिस भी चौकन्नी हो गई है। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र निवासी फरहान के रिकॉर्ड खंगाले जाने लगे हैं। पुलिस और खुफिया विंग के लोग दिन भर रिकॉर्ड खंगालते रहे, मगर कोई खास कामयाबी हाथ नहीं लगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गोधरा कांड के बाद वर्ष 2003-04 में फरहान से जुड़ी फाइल जिले में तैयार की गई थीं। करीब 14 साल पुरानी फाइलें अब कहां है, कोई नहीं बता पा रहा।
मुरादाबाद के मुगलपुरा थाना क्षेत्र से पुलिस ने गुरुवार को फर्जी पासपोर्ट के साथ फरहान अहमद अली को गिरफ्तार किया था। दावा किया जा रहा है कि उसके संबंध आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से हैं। फरहान गोधरा कांड का भी आरोपी है। दिल्ली की एक अदालत ने उसे पोटा के तहत दोषी भी पाया था। वर्ष 2009 में जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद वह पहचान छिपाकर मुरादाबाद के मुगलपुरा क्षेत्र में रह रहा था। बृहस्पतिवार को जाली पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस व अन्य दस्तावेजों के साथ पकड़े जाने के बाद उसकी वास्तविक पहचान का खुलासा हुआ। फरहान अहमद पुत्र मुश्ताक अहमद के शोहरतगढ़ का निवासी होने की सूचना के बाद जिले की पुलिस भी चौकन्नी हो गई है।
शुक्रवार को दिन भर फरहान के पते को ट्रेस करने में पुलिस व खुफिया विंग के लोग हलकान रहे। अखबारों में छपी तस्वीर को लेकर शोहरतगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में खोजबीन की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसी नाम के एक-दो शख्स मिले भी तो उनकी उम्र में दोगुने का अंतर था। उधर, खुफिया इकाई ने भी पुराने रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। यहां पूर्व में तैनात रह चुके खुफिया विंग के एक अफसर की मानें तो गोधरा कांड के बाद फरहान से जुड़ी फाइल वर्ष 2003-04 में तैयार हुई थी। तब उसकी लोकेशन शोहरतगढ़ कस्बे में ही मिली थी। इसके बाद तबादला होने के चलते इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। इस बाबत एसपी डॉ.धर्मवीर सिंह का कहना है कि सूचना के आधार पर रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। फरहान का पता भी ट्रेस कराया जा रहा है। फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। कोशिश जारी है।