बस्ती रेंज के डीआईजी लक्ष्मीनारायण ने जिले में तकरार (विवाद) से अधिक प्रेम-प्रसंग की आड़ में हो रहे अपराध और जालसाजी को कानून व्यवस्था के लिए चुनौती माना। ऐसे लंबित मामलों का हवाला देते हुए डीआईजी ने कहा कि लूट, हत्या, चोरी, छिनैती जैसे अपराध से ज्यादा दिक्कत यहां प्रेम-प्रसंग और धोखे के कारण है। इनका समाधान करने में पुलिस को दिक्कतें आ रही हैं।
शुक्रवार को पुलिस लाइन और ऑफिस का निरीक्षण करने के बाद पत्रकार वार्ता में डीआईजी ने जिले की खराब सड़कों और बिजली की बदहाली को भी पुलिस के काम को मुश्किल बनाने का आधार बताया। डीआईजी ने कहा कि जिले में 2015 की 1429 पत्रावलियां लंबित हैं। इसमें सर्वाधिक मामले लड़की भगाने और जालसाजी के हैं। तमाम बड़े अपराधों में से कोई पत्रावली लंबित नहीं है।
डीआईजी ने साफ किया कि चूंकि भगाई गईं लड़कियों की बरामदगी के अभाव में चार्जशीट दाखिल करना कानूनन संभव नहीं है। लिहाजा ऐसी पत्रावलियों को लंबित ही रहना है। इन मामलों को छोड़ दें तो जिले में लॉ एंड आर्डर का मामला ठीक है। उन्होंने पुलिस कप्तान अजय साहनी की पीठ भी ठोंकी और कहा कि उन्होंने जिले में बड़े अपराधियों का सफाया कर दिया है।
नेपाल बार्डर से कुछ बदमाश जरूर हैं, उन पर नजर रखी जा रही है। खुली सीमा होने के कारण अतिरिक्त फोर्स की आवश्यकता को स्वीकार किया। जिले में बिजली और सड़क की समस्या पर भी चिंता बताई और कहा कि उन्होंने कमिश्नर से शहर की सड़क और बस्ती मार्ग के बारे में शासन को पत्र लिखवाया है।