घर से बकरी चराने निकली तीन सगी बहनों समेत 5 लड़कियां शनिवार को राप्ती नदी में डूबने लगी। किनारे बैठी साथ आई एक अन्य लड़की ने नदी में छलांग लगाकर डूब रही चार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। एक बालिका का पता नहीं चल पाया। देर शाम तक डूबी बालिका की तलाश नदी में जारी रही। घटना डुमरियागंज के मालीमैंनहा गांव का है।
डुमरियागंज थानाक्षेत्र के माली मैंनहा निवासी जोखू की बेटी शाहीन (13 साल), मुबारकुन्निषां (16 साल), अंजुम ( 9 साल) व परवीन (10 साल) के साथ मुहल्ले के ही निवासी मणि की बेटी ललती (13 साल) और शहंशाह की 12 साल की बेटी साबरीन घर से शनिवार की शाम करीब 4 बजे बकरियों को चराने लेकर राप्ती नदी के तट पर गई थीं।
इसी दौरान साबरीन नदी में नहाने चली गई। नहाने के दौरान साबरीन गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। यह देख साबरीन को बचाने के लिए बारी-बारी से शाहीन, अंजुम, परवीन व ललती नदी में उतर गईं, लेकिन पांचों एक-दूसरे का हाथ पकड़कर किनारे आने के बजाए गहरे पानी में खींचती चली गई।
पांचों को नदी के पानी में डूबता उतराता देख बाहर बैठी मुबारकुन्निषां हिम्मत कर नदी में उतर गई। तमाम कोशिश के बाद उसने बारी-बारी शाहीन, ललती, अंजुम और परवीन को बाहर निकाला। चारों को बाहर निकालने के बाद मुबारकुन्निषां साबरीन को निकालने के लिए दुबारा पानी में घुसी, लेकिन तब तक साबरीन नदी के गहरे पानी में समा चुकी थी। चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग वहां पहुंच गए।
हादसे की जानकारी मिलते ही आस-पास के युवा नदी में गोता लगाकर डूबी बालिका को ढूंढने लगे, लेकिन देर शाम तक साबरीन का पता नहीं चल सका। इधर, हादसे की जानकारी पर डुमरियागंज थानाध्यक्ष गोपालजी यादव, नायब तहसीलदार शिरीश त्रिपाठी भी मौके पर पहुंचे। थानाध्यक्ष गोपालजी यादव ने बताया कि पांच गोताखोर साबरीन की खोज कर रहे हैं। तलाश जारी है। बाकी पांचों लड़कियों (मुबारकुन्निशां समेत) को नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है।