देवलथल तहसील के अंतर्गत रसैपाटा से बाटुला के लिए बन रही मेरा गांव, मेरी सड़क योजना के काम में लगे दो नेपाली मजदूरों की मलबे में दबकर मौत हो गई। एक मजदूर के शव को मलबे से निकालने के लिए जेसीबी लगानी पड़ी। दोनों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए राजस्व पुलिस जिला मुख्यालय ले आई है।
तहसीलदार जगदीश भट्ट ने बताया कि नेपाल के बजांग जिला अंतर्गत देवलीकोट गांव निवासी वीरेंद्र सिंह बोरा (24) और मोहन सिंह बोरा (21) अपने अन्य साथियों के साथ पिछले कुछ समय से सड़क निर्माण के काम में लगे थे। शुक्रवार देर शाम यह दोनों काम से छुट्टी के बाद अपने कमरे की ओर आ रहे थे तभी पहाड़ी से गिरा मलबा इन दोनों के ऊपर आ गिरा। साथी मजदूरों ने घायल मोहन सिंह को रात ही में जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां आधी रात के बाद उसने दम तोड़ दिया। तहसीलदार ने बताया कि दूसरे मजदूर वीरेंद्र सिंह का शव मलबे में दब गया था।
शनिवार सुबह जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर वीरेंद्र का शव निकाला गया। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व उपनिरीक्षक तेज गिरी, विपिन कापड़ी और धर्मेंद्र भंडारी मौके पर पहुंचे। नेपाल के बजांग जिले के कई मजदूर यहां काम करते हैं। उनकी मदद से मृतकों के परिजनों को सूचना भेज दी गई है। तहसीलदार ने बताया कि सड़क कटिंग के कारण कई स्थानों पर पहाड़ी से मलबा गिरने का खतरा बना है। हादसे के बाद फिलहाल सड़क निर्माण का काम रोक दिया गया है। इस घटना से सड़क निर्माण के काम में लगे मजदूरों में खलबली मच गई।
पहाड़ी से गिरा पत्थर लगने से व्यापारी की मौत
धारचूला (पिथौरागढ़)। नेपाल के दार्चुला जिला अंतर्गत हिकला गांव निवासी शंकर जोशी (31) की शनिवार शाम अंतरराष्ट्रीय झूलापुल से 25 मीटर दूर नेपाल में पहाड़ से गिरा पत्थर लगने से मौत हो गई। शंकर जोशी धारचूला के गर्ब्याल खेड़ा में परचून की दुकान चलाते थे। शनिवार को वह पूजा कार्यक्रम में भाग लेने के लिए अपने गांव जा रहे थे। नेपाल पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इन दिनों इलाके में बारिश के कारण पहाड़ों से पत्थर लुढ़कते जा रहे हैं। इससे कई जगह खतरा बना है।