बढ़नी। भारतीय सीमा से सटे नेपाल के कृष्णानगर में शुक्रवार को नौ नेपाली युवतियों को केआई संस्था के सदस्यों ने रोक लिया। सभी युवतियां भारतीय सीमा में प्रवेश करने की फिराक में थीं। पूछताछ के बाद उन्हें परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। बताया जा रहा है कि युवतियों को रोजगार का झांसा देकर भारत बुलाया गया था, जहां से उन्हें किसी अन्य देश में भिजवाए जाने की योजना थी।
हालांकि संस्था ने भारतीय सीमा में दाखिल होने से पहले ही उन्हें रोक लिया। मानव तस्करी व हिंसा की रोकथाम के लिए नेपाल में सक्रिय केआई संस्था को नेपाल के विभिन्न जिलों से युवतियों को झांसा देकर भारत ले जाए जाने की सूचना मिली थी। शुक्रवार की सुबह से ही संस्था के सदस्य भारतीय सीमा के पास कृष्णानगर कस्बे में प्रवेश गेट के पास निगाह जमाकर बैठ गए थे।
दोपहर बाद कुछ युवतियां समूह के रूप में सीमा की ओर आती दिखाई दीं। उन्हें संस्था के सदस्यों ने रोक लिया। पूछताछ में बताया कि उन्हें रोजगार दिलाने के लिए भारत में बुलाया गया था, जहां से किसी अन्य देश ले जाया जाता। हालांकि वह भारत में मौजूद एजेंट का नाम व पता स्पष्ट नहीं कर सका।
केआई संस्था के कपिलवस्तु जिला संयोजक केसर विश्वकर्मा ने बताया कि रोकी गईं युवतियों में अर्घाखांची, रूपनदेही, कपिलवस्तु व सिंधुली जिले की एक-एक, दांग की दो सहित कुल नौ शामिल हैं। सभी की उम्र 18 से 21 वर्ष है।