सिद्धार्थनगर। सीडीओ हर्षिता माथुर ने 133 शिक्षकों के जांच को गंभीरता से लेते हुए लापरवाही पर बीएसए को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। अमर उजाला की खबर को संज्ञान में लेने के बाद उन्होंने यह कार्रवाई की है। बताया कि शिकायत के बाद भी मामले की जांच नहीं की गई। यह लापरवाही की श्रेणी में आता है। ऐसे में एक सप्ताह के अंदर सत्यापन कर पूरे शिक्षकों की रिपोर्ट दी जाए।
24 अप्रैल को वीरेंद्र, दयाशंकर, अजय यादव आदि ने सहायक शिक्षा निदेशक से शिकायत की थी। इसमें प्रदेश के 16,648 सहायक अध्यापकों की भर्ती के क्रम में जिले में 618 पदों पर नियुक्ति हुई थी। इसमें बहुत सारे फर्जी अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र दे दिया गया है। जिनके शैक्षिक, अभिलेख, टीईटी और सीटीईटी के अभिलेख संदिग्ध है। इनके टीईटी प्रमाण पत्र पर प्राप्तांक कोड तक दर्ज नहीं है। ऐसे अभ्यर्थियों की संख्या 45 सेे अधिक है। 15 हजार की भर्ती में 68 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने चार वर्षीय बीएलएड कोर्स की डिग्री भी दर्शायी है। मामले की जांच की जाए। लेकिन विभाग ने मामले में लीपापोती करते हुए जांच नहीं की।
एक बीईओ की भूमिका संदिग्ध
विभागीय सूत्रों की माने तो फर्जी नियुक्ति के खेल में एक बीईओ की भूमिका संदिग्ध है। इसके अलावा बीएसए कार्यालय में एक लिपिक भी संदेह के घेरे में है। यही वजह है कि विभाग अपने लोगों को बचाने के चक्कर में 133 शिक्षकों की जांच नहीं कर रहा है। जबकि सभी शिक्षकों की लिस्ट भी विभाग के पास मौजूद है। अगर विभाग चाहे तो जल्द ही सारे राज खुलकर सामने आ जाएंगे। सूत्रों की माने तो इसमें कुछ पुराने अधिकारी भी जांच के घेरे में आ रहे है, जो अब जिले को छोड़ चुके है।