सिद्धार्थनगर। ...जब सम्मान ही नहीं रहेगा तो जिंदगी किस काम की। ऐसी जिंदगी से अच्छा मर जाना है। सिस्टम और नेता दोनों भ्रष्ट हैं। शिकायत करने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है। जिंदगी असहनीय हो गई है। ऐसे में मुझे पूरे परिवार समेत इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। ये शब्द छेड़छाड़ से पीड़ित एक युवती के हैं, जिसने हर ओर से निराश होकर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है।
इटवा थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि 19 जूून को गांव के एक युवक ने घर में घुसकर उसके साथ छेड़खानी की। बहन व मां ने जब इसका विरोध किया तो युवक ने दोनों की बेरहमी से पिटाई कर दी। थाने में शिकायत करने पर पुलिस ने मारपीट का केस दर्ज किया और युवक का चालान कर दिया। बाद में उसे छोड़ दिया गया। युवती ने कहा है कि मुख्यमंत्री और डीजीपी से शिकायत करने पर छह अगस्त को एसपी के यहां बयान देने के लिए बुलाया गया। वहां गांव के प्रधान व कोटेदार जिले के एक विधायक को लेकर पहुंचे। ये लोग छेड़खानी करने वाले युवक को बचाने के लिए यहां पहुंचे थे। वैसे तो एसपी ने उनका बयान दर्ज कर लिया, लेकिन उसे और उसकी मां को धमकी दी कि परेशान करोगी तो फर्जी मुकदमे में फंसा देेंगे। इसके बाद से आरोपी का हौसला बुलंद हो गया है। उसका घर से निकलना मुश्किल हो गया है। आरोपी के परिवार के लोग गाली व धमकी दे रहे हैं और विधायक के दबाव में पुलिस मौन है। पीड़िता ने पत्र में कहा है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो उसके पास आत्महत्या करने के सिवा कोई रास्ता नहीं बचेगा। अब वह और बर्दाश्त नहीं कर सकती। इसलिए उसे सपरिवार इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए।
बीएससी की छात्रा है युवती
- इच्छा मृत्यु की मांग करने वाली युवती बीएससी की छात्रा है। परिवार में कुल पांच सदस्य हैं। माता-पिता के अलावा युवती की दो छोटी बहने हैं। घटना के बाद से पूरा परिवार सहमा हुआ है।
- मामला पड़ोसियों के बीच विवाद का है। एएसपी मामले की जांच कर रहे हैं। जहां तक आरोप की बात है तो वे निराधार हैं।
- डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी