इटवा। थाना क्षेत्र के करहिया पुल के निकट शनिवार की रात अज्ञात वाहन की चपेट से बाइक सवार दो युवक की मौत हो गई। एक की मौत लखनऊ ले जाते समय रास्ते में शनिवार रात को हो गई जबकि अन्य युवक की मौत लखनऊ मेडिकल कॉलेज में रविवार दोपहर बाद तीन बजे के करीब हुई।
ढेबरुआ थाना क्षेत्र के बजराभारी गांव से शनिवार देर रात डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के टड़वा के लिए बरात जा रही थी। रिश्तेदार दिनेश चौहान (28) व राम सूरत (26) बाइक से बगैर हेलमेट बरात के साथ टड़वा जा रहे थे। वह इटवा थाना क्षेत्र के करहिया पुल के पास पहुंचे ही थे कि वे अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए जिससे वे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। लोगों ने डायल 100 पुलिस को सूचना दी। पुलिस द्वारा दोनों घायलों को इटवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल बस्ती के लिए रेफर कर दिया गया। वहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते समय रास्ते में दिनेश चौहान की मौत हो गई। जबकि गंभीर रूप से घायल रामसूरत का इलाज लखनऊ मेडिकल कॉलेज में चल रहा था जहां इलाज के दौरान रविवार दोपहर बाद तीन बजे के करीब उसकी मौत हो गई। थानाध्यक्ष इटवा अवध नारायण यादव का कहना है कि मामले की जानकारी है। तहरीर नहीं मिली है। तहरीर के बाद मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
ट्रेन में चढ़ते समय बेटे के सामने पिता की मौत
डुमरियागंज। घर से हंसी-खुशी बेटे के साथ परदेश कमाने के लिए शनिवार शाम निकले युवक की बेटे के आंखों के सामने ही मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब युवक ट्रेन के चालू डिब्बे में बैठने के लिए पहले बेटे को चढ़ाया फिर खुद चढ़ते समय पैर फिसलने से दो बोगियों केे बीच आ गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
डुमरियागंज क्षेत्र के सेखुई गांव निवासी सियाराम (43) अपने बेटे सुशील (17) के साथ पुणे जाने लिए गांव से शाम करीब पांच बजे निकला था। रात करीब 11.30 बस्ती रेलवे स्टेशन से बाप-बेटे ट्रेन के जनरल कोच में चढ़ने के लिए आगे बढ़े। जैसे ही ट्रेन की गति धीमी हुई सियाराम ने धक्का-मुक्की के बीच बेटे सुशील को बोगी में बैठा दिया। इस बीच ट्रेन की गति बढ़ गई और सियाराम का हाथ फिसल गया। कंधे पर बैग टांगने और भारी वजन से सियाराम दोनों बोगियों के बीच फंस गए। जिससे उनकी मौत हो गई। पिता को गिरता देख सुशील ने किसी तरह ट्रेन को रुकवाया और लाश को बाहर निकलवाया। हादसे की जानकारी मिलते ही जीआरपी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर परिजनों को सूचना दी। परिजन करीब 2 बजे रात में पहुंचे। गांव में खबर पहुंचने के बाद आधी रात से ही परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है। डुमरियागंज इंस्पेक्टर केडी सिंह ने बताया कि बस्ती में ट्रेन हादसे में सेखुई के युवक की मौत की सूचना मिली है। मामला बस्ती जनपद के रेलवे स्टेशन का है।