सिद्धार्थनगर। बेसिक शिक्षा विभाग ने 25 अगस्त को जिले में तैनात 38 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया था। बावजूद इसके अब तक इन बर्खास्त शिक्षकों पर केस दर्ज नहीं कराया गया। विभागीय अफसरों के पास इतना समय नहीं है कि वह थाने में प्रार्थना पत्र दे सके। एक सप्ताह बाद भी विभाग अब तक फर्जी शिक्षकों पर केस दर्ज नहीं करा सका है। वही, बीएसए राम सिंह यह कहकर पल्ला झाड़ ले रहे है कि संबंधित बीईओ को केस दर्ज कराने को निर्देशित किया गया है। ऐसे में बीईओ की केस दर्ज कराने की जिम्मेदारी है। गौरतलब है कि फर्जी प्रमाण पत्रों के नौकरी कर रहे 38 शिक्षकों को बेसिक शिक्षा विभाग ने काफी दबाव में करीब एक साल बाद बर्खास्त किया।
‘चोरी’ नहीं हुई, फिर भी अभिलेखों की मांगी जानकारी
27 अगस्त को बीएसए कार्यालय के एक कमरे का ताला टूटने और कागजात चोरी होेने का मामला सामने आया था। इस मामले में 28 अगस्त को सदर थाने में दी तहरीर में बीएसए ने ताला टूटने की बात तो कही है, लेकिन एक भी फाइल चोरी होने से इनकार किया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ चोरी की कोशिश करने का केस दर्ज कर लिया है। ताला टूटने के बाद भी चोरी नहीं होने के दावे से बीएसए कार्यालय से जुड़े लोगों की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि अगर चोर वहां से कोई सामान व फाइल नहीं ले गए तो ताला क्यों तोड़ा। अब बीएसए ने तीन दिन में अभिलेखों की जानकारी मांगी है। बीएसए राम सिंह ने बताया कि विभाग के कर्मचारियों से तीन दिन के अंदर सभी अभिलेखों की जानकारी मांगी गई है। जिससे की सही तरीके से मिलान किया जा सके।