सिद्धार्थनगर। बच्ची का मुंडन कराने लेहड़ा देवी जा रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्राली बाइक सवार को बचाने में अनियंत्रित होकर पलट गई। ट्राली पर सवार दो दर्जन से अधिक यात्री जख्मी हुए। जिला अस्पताल में प्रारंभिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर दो घायलों को गोरखपुर रेफर कर दिया गया। घटना बुधवार को नौगढ़-उसका मार्ग पर पकड़ी चौराहे के पास की है। हादसे में वृद्ध समेत दो लोगों की मौत हो गई।
शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के जोगिबारी गांव निवासी बाबूराम की पुत्री लीला (5) का मुंडन संस्कार कराने परिवार व गांव के लोग ट्रैक्टर ट्राली पर सवार होकर महराजगंज के लेहड़ा देवी के दर्शन को जा रहे थे। एनएच-730 अंतर्गत नौगढ़-उसका मार्ग पर पकड़ी चौराहे के पास विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार बाइक सवार को बचाने की कोशिश में ट्रैक्टर ट्राली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे में ट्राली पर सवार सुकई (60) की मौके पर ही मौत हो गई। मधुर श्याम की पुत्री दुर्गावती (13) समेत दीपक पुत्र अलगू (12), अकाली (50), इसरावती (40), जानकी (60), पूनम (18), सीमा (50), सूर्यमती (50), उर्मिला (34), सेमा (60), नंदनी (16), शिवकुमार (15), गुडिय़ा (50), मोहन (9), प्रीती (9), दीपक पुत्र वंसीधर (15) सहित दो दर्जन से अधिक लोग जख्मी हो गए। सभी को आनन-फानन में जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने दुर्गावती को मृत घोषित कर दिया। दीपक पुत्र अलगू व अकाली देवी को हालत गंभीर होने पर गोरखपुर रेफर कर दिया गया। एसओ एसके सरोज का कहना था कि मौके पर पुलिस टीम गई थी। बाइक सवार को बचाने में ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गई थी।
गैस सिलेंडर ने बचाई कइयों की जान
ट्रैक्टर ट्राली पलटने से हुए हादसे में कई और जिंदगियां जाती, लेकिन ट्राली पर रखे गैस सिलेंडर ने बड़ी अनहोनी टाल दी। दरअसल, ट्राली पर रखा सिलेंडर नीचे गिरने के बाद सीधा खड़ा हो गया। ट्राली का एक हिस्सा इस पर अटक गया। नतीजा कई सवार इसके नीचे सुरक्षित हो गए। उन्हें मामूली चोटें ही आई। अगर सिलेंडर नहीं होता तो ट्राली में दबने से कइयों की स्थिति गंभीर हो सकती थी।