फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो बैंककर्मी समेत तीन को पुलिस ने हिरासत में लिया

Mon, 20 May 2019 11:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
मौके पर जांच करते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
शोहरतगढ़। बसहिया गांव निवासी रामकरन की तहरीर पर पुलिस ने बैंक के दो कर्मचारियों समेत तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। भारतीय स्टेट बैंक शाखा की शोहरतगढ़ में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं जिसमें बैंक के जिम्मेदार कर्मचारियों व अधिकारियों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन

17 मई को बसहिया गांव निवासी रामकरन खेत को समतल कराने की मजदूरी देने के लिए दो ठेकेदारों के साथ भारतीय स्टेट बैंक शाखा शोहरतगढ़ में रुपये निकालने के आया था। पीड़ित रामकरन के मुताबिक उसने दो खाते से चार लाख रुपये निकालने का फार्म भरकर बैंक मैनेजर के पास गया। मैनेजर ने उसे कुछ देर बाद रकम देने की बात कह कर लौटा दिया। पीड़ित के साथ आए ठेकेदारों ने बैंक के कर्मचारियों से रुपये निकलवाने की बात कही। इस पर पीड़ित रामकरन ने चार लाख रुपये का दो रकम निकासी फॉर्म बैंक कर्मचारी को दे दिया। पीड़ित का आरोप है कि कैशियर ने मुझे रुपये न देकर बैंक के कर्मचारियों को चार लाख रुपये दे दिया। उक्त कर्मी ने बैंक के बाहर आकर मेरे साथ आए दो लोगों को रुपये दे दिया। दोनों चार लाख रुपये लेकर मोटरसाइकिल से भाग निकले। इसी बीच बैंक के कर्मी ने मुझे अपनी गाड़ी पर बैठाकर गांव पर लाकर छोड़ दिया। गांव पहुंचने पर खेत में काम कर रहे ट्रैक्टर भी लापता मिला। 18 मई को मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू की। रविवार को पुलिस ने महमुदवा ग्रांट के ट्रैक्टर मालिक को पूछताछ के लिए थाने लेकर आई। इसी तरह सोमवार को एसबीआई शाखा में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने के बाद बैंक के दो कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
एसबीआई शाखा शोहरतगढ़ के मैनेजर मनोज दुबे ने बताया कि दोनों कर्मी बैंक में सफाई सहित अन्य काम करते थे। एसओ अवधेशराज सिंह ने बताया कि ट्रैक्टर मालिक व एसबीआई शाखा के दो कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।
विज्ञापन


सीसीटीवी फुटेज कर रहे दूसरी ओर इशारा
बैंक के सीसीटीवी कैमरे में साफ दिखाई दे रहा है कि कैश काउंटर पर बैठे कैशियर ने अपने एक कर्मचारी को पॉलिथीन की पोटली को देते हुए दिखाई दे रहा है। पोटली लेकर बैंक का कर्मचारी दूसरे कर्मचारी को दे देता है। दूसरा कर्मचारी पॉलिथीन की पोटली लेकर बैंक के बाहर जाता हुआ सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में दिखाई भी दे रहा है। ऐसे में सवाल यह है आखिर कैशियर ने रकम को पीड़ित व्यक्ति के हाथों में क्यों नहीं दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें